सिमडेगा
लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ के दूसरे दिन खरना के अवसर पर सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह ने पूरी श्रद्धा और पारंपरिक रीति से गन्ने के रस से खीर बनाते हुए परंपरा, सादगी और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। डीसी ने स्वयं अपने हाथों से प्रसाद तैयार करते हुए यह संदेश दिया कि छठ पर्व संयम, स्वच्छता और श्रम के प्रति सम्मान का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि “छठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य और मानव के गहरे संबंध को सशक्त करने वाला पर्व है। अपने हाथों से प्रसाद बनाना आत्मिक संतोष और श्रद्धा का अनुभव देता है।”उपायुक्त ने सूर्य देव से जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, आरोग्य और शांति की कामना की।उनकी यह सादगी और आस्था से जुड़ी पहल जिलेभर में प्रेरणा का विषय बनी हुई है।गन्ने के रस से खीर बनाना छठ की परंपरा का अहम हिस्सा है, जो प्रकृति और कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

डीसी कंचन सिंह ने इस परंपरा को आत्मसात करते हुए यह साबित किया कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ लोक आस्था का निर्वाह भी उतनी ही निष्ठा से किया जा सकता है।छठ पर्व को लेकर जिले में प्रशासन की ओर से घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है।डीसी स्वयं व्यवस्था का निरीक्षण कर रही हैं ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से पूजा-अर्चना कर सकें।
