नंदलाल तुरी
पाकुड़ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में गुरुवार को मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और विभिन्न अवैध गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सभी थाना और ओपी प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक की शुरुआत अक्टूबर माह में दर्ज और निष्पादित कांडों की समीक्षा से हुई। पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रभारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। चोरी और छिनतई की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए बैंक, एटीएम, पेट्रोल पंप, ज्वेलरी शॉप और सीएसपी केंद्रों के आसपास पैदल और बाइक गश्ती बढ़ाने का आदेश दिया गया। इसके लिए नियमित पेट्रोलिंग और संदिग्धों पर निगरानी रखने पर जोर दिया गया।
कोयला चोरी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए साइकिल, ठेला, टोटो और अन्य छोटे वाहनों के माध्यम से होने वाली अवैध ढुलाई पर विशेष छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। साथ ही अवैध पत्थर और बालू उत्खनन को रोकने हेतु जिला खनन टास्क फोर्स के साथ संयुक्त अभियान जारी रखने का आदेश दिया गया। नशामुक्ति, मानव तस्करी, साइबर अपराध, महिला अत्याचार और सड़क सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर हर माह स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसे जनजागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए एसपी ने जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय कर प्रतिदिन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट की जांच, वाहन के कागजात की वैधता की पुष्टि और ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर बल दिया। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नो-एंट्री के समय के बाद मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। यातायात प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शहर में सुचारू यातायात प्रवाह हर स्थिति में बनाए रखा जाए।
अवैध विस्फोटकों के परिवहन, भंडारण और उपयोग पर नियंत्रण के लिए थाना प्रभारियों को विस्फोटक अधिनियम 1884/1908 की धाराओं की जानकारी देते हुए सतत निगरानी रखने को कहा गया। इस तरह की गतिविधियों में लिप्त लोगों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में बाल मित्र थाना और कमरों में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण सर्वोपरि रहेगा। बैठक के अंत में BNS/BNSS सहित अन्य धाराओं पर पुलिस पदाधिकारियों की लिखित परीक्षा ली गई। इसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।