मुरी
कुड़मी समाज को आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड में आज से शुरू हुए रेल रोको आंदोलन का असर राजधानी रांची के नजदीकी मुरी रेलवे जंक्शन पर भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में आंदोलनकारी स्टेशन पर जुटे, जिनका नेतृत्व देवेंद्रनाथ महतो कर रहे थे।
हजारों की संख्या में समर्थकों संग पहुंचे महतो ने रेलवे ट्रैक पर आंदोलन का नेतृत्व किया। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रैक पर भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।

रेलवे ने बताया कि आंदोलन की वजह से कई ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ है। सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों में कुड़मी समाज के लोग रेलवे पटरियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुड़मी समाज लंबे समय से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर समाज ने आज, 20 सितंबर से राज्यव्यापी रेल रोको आंदोलन की शुरुआत की है। फिलहाल आंदोलन जारी है और प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए है।
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