द फॉलोअप डेस्क, रांची:
प्रशांत किशोर के जनसुराज पार्टी (Jansuraj Party of Prashant Kishor) के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता (Devpalik Gupta) रांची से पटना जाने के क्रम में चलती ट्रेन से लापता हो गए हैं। 31 वर्षीय देवपालिक गुप्ता जनशताब्दी ट्रेन (Jan Shatabdi Express Train) में अपने 2 सहयोगियों के साथ सवार थे। देवपालिक गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC, Delhi) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। देवपालिक गुप्ता के दोस्त और सहकर्मी गौतम कुमार ने बताया कि वे रांची रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार हुए थे और ट्रेन स्टेशन से 2:25 बजे खुली थी। बताया जा रहा है कि रांची और मुरी जंक्शन के बीच देवपालिक गुप्ता से संपर्क टूट गया और तब से उनका पता नहीं चल पाया है। सहकर्मियों ने रेलवे पुलिस और रांची पुलिस से इस मामले में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया है। आरोप है कि देवपालिक गुप्ता दोपहर करीब साढ़े 3 बजे लापता हो गए, लेकिन उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट देर रात को 9 बजे दर्ज की गई।
पेंट्री कार में खाना ऑर्डर करने गए थे देवपालिक
देवपालिक गुप्ता गुमशुदगी केस में उनके दोस्त गुंजन कुमार गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके झारखंड पुलिस और रेलवे पुलिस बल को आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि देवपालिक गुप्ता 26 अक्टूबर को अपने 2 साथियों के साथ जनशताब्दी एक्सप्रेस से रांची से पटना जा रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे वह मुरी स्टेशन से पहले पेंट्री में खाना ऑर्डर करने गए और अचानक लापता हो गए। जब काफी देर तक साथियों ने उनको नहीं देखा तो फोन किया, लेकिन फोन बंद था। टीटी और रेलवे पुलिस बल के जवानों ने पूरी ट्रेन में उसे ढूंढ़ा, लेकिन वह नहीं मिला। मुरी स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो वहां भी तलाशी ली गई, लेकिन देवपालिक का सुराग नहीं मिला।

गुमशुदगी की रिपोर्ट 6 घंटे बाद दर्ज की गई
गुंजन कुमार गोस्वामी का आरोप है कि शाम को 4:30 बजे ट्रेन के बोकारो पहुंचने पर रेल मदद में शिकायत की गई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आरोप है कि रेलवे पुलिस बल ने कहा कि मामला अब जीआरपी का है। बोकारो जीआरपी में शिकायत करने पर मुरी जाकर शिकायत करने को कहा गया। मुरी पहुंचे तो कहा गया कि रांची में शिकायत दर्ज होगी। आरोप है कि काफी भागदौड़ और पैरवी के पश्चात रात को 9 बजे प्राथमिकी दर्ज की गई।