रांची
झारखंड के महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक अनुराग गुप्ता ने 18 सितंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। यह बैठक 20 सितंबर को कुड़मी समुदाय द्वारा घोषित 'रेल टोका' या 'रेल रोको' आंदोलन को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई। बैठक में आरपीएफ, रेलवे के वरीय अधिकारियों और वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ आंदोलन से संबंधित सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को राज्यभर में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विशेष सतर्कता हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, सरायकेला, चाईबासा, पलामू और दुमका समेत संवेदनशील रेल मार्गों और स्टेशनों पर बरतने को कहा गया।

उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, एम्बुलेंस और दंगारोधी वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंदोलन के दौरान चिन्हित नेताओं को डिटेन करने और रेलवे पुलिस, आरपीएफ-जीआरपी के साथ आपसी समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
डीजीपी ने जिलों के उपायुक्तों से मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेटिंग, ड्रोन से निगरानी और बलों के आवासन-भोजन की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखने का आदेश दिया। इस समीक्षा बैठक में आईजी रेल अमोल विनुकांत होमकर, आईजी विशेष शाखा प्रभात कुमार, आईजी अभियान डॉ. माईकलराज एस. समेत रेलवे और पुलिस के वरीय अधिकारी शामिल हुए।
