द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिला समाहरणालय स्थित सभागार में सांसद और लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र सह अध्यक्ष, जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) सुखदेव भगत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय दिशा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा उनके प्रभावी, समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। बैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित, पुलिस अधीक्षक गुमला हारीस बिन ज़मां, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर, उप विकास आयुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, निदेशक DRDA विद्या भूषण, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, DCLR गुमला राजीव कुमार, SDO सदर राजीव नीरज, SDO चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, SDO बसिया जयवंती देवगम सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मी, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान सांसद ने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि दिशा समिति की बैठकों को गंभीरता से लिया जाए तथा पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई से संबंधित कार्यों की समीक्षा में डुमरी पथ निर्माण में सड़क की गुणवत्ता, कालीकरण एवं नाली निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आपत्तियां उठाईं। पिटलू घाटी क्षेत्र में सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर सांसद ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों की नियमित फील्ड विजिट की अनिवार्यता पर जोर दिया। जशपुर–महुआटांड़ पथ एवं गुमला–पलमा बाइपास सड़क निर्माण में देरी पर भी असंतोष जताया गया।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान काटे गए वृक्षों के पुनर्वृक्षारोपण की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है और लगभग 1,30,000 वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अमृत सरोवर तालाब निर्माण हेतु भी पीडी एनएचएआई द्वारा निःशुल्क सहयोग देने की सहमति व्यक्त की गई। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा में टंगरा टोली, हाड़ुप एवं गुदरी क्षेत्रों में तैयार संरचनाओं के बावजूद जलापूर्ति प्रारंभ न होने का मुद्दा उठाया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान हेतु हिंडालको से सहयोग लेने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित योजनाओं में फंड की कमी के कारण धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई। विद्युत आपूर्ति की समीक्षा में बिजली चोरी के मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए और विभिन्न गांवों में विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया।
कृषि, उद्यान, पशुपालन, भूमि संरक्षण और मत्स्य पालन विभागों की समीक्षा में खनन क्षेत्रों में मिट्टी की गुणवत्ता, मशरूम खेती की सफलता, वैकल्पिक कृषि विकल्प, पशु नस्ल सुधार और डेयरी योजनाओं की जानकारी ली गई। जेएसएलपीएस के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में डॉक्टरों की कमी, एम्बुलेंस सेवा, पोस्टमार्टम से जुड़ी शिकायतें और मेडिकल कॉलेज हेतु भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एम्बुलेंस की तैनाती पर पुलिस अधीक्षक ने मार्गदर्शन दिया। शिक्षा विभाग की समीक्षा में तड़ित चालक की उपलब्धता, जर्जर विद्यालय भवन और खेलो इंडिया के तहत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा में खनन वाहनों की फिटनेस, राजस्व क्षति, डीएमएफटी से जुड़े मामले और प्रभावित गांवों में जल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अवैध वसूली, भ्रष्टाचार, योजनाओं में अनियमितता और जवाबदेही से जुड़े गंभीर मुद्दे भी सामने आए, जिस पर उपायुक्त द्वारा निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अंत में सांसद ने जिला प्रशासन के कार्यों के प्रति संतोष व्यक्त किया और स्वास्थ्य, हॉर्टिकल्चर एवं नई योजनाओं के लिए संबंधित विभागों की सराहना की।
