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हिंडाल्को के विरुद्ध अनशन पर बैठेंगे विस्थापित राजू महतो, स्थानीय रोजगार सहित 26 मांगें

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द फॉलोअप डेस्क

रांची जिले के मुरी क्षेत्र में हिंडाल्को मुरी वर्क्स लिमिटेड के खिलाफ स्थानीय विस्थापितों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कंपनी की नीतियों और रोजगार में स्थानीय युवाओं की अनदेखी के विरोध में लगामहां निवासी एवं हिंडाल्को के विस्थापित राजू कुमार महतो ने 30 अक्टूबर 2025 को कंपनी के मुख्य गेट के सामने सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक एक दिवसीय शांतिपूर्ण अनशन करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह अनशन सांकेतिक है, लेकिन अगर कंपनी ने विस्थापितों और स्थानीय लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आगे व्यापक आंदोलन किया जाएगा। राजू महतो ने जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को इसकी सूचना दे दी है।

राजू महतो ने बताया कि यह अनशन हिंडाल्को मुरी वर्क्स लिमिटेड की नीतियों में पारदर्शिता लाने और स्थानीय हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया कि विस्थापितों और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में भेदभाव किया जा रहा है। अनशन की प्रमुख मांगों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करना, अस्थायी कर्मचारियों के आश्रितों को पुनः रोजगार देना, आईटीआई अप्रेंटिस में विस्थापित क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता देना और स्थानीय महिलाओं व छात्राओं के लिए कम से कम 20 प्रतिशत रोजगार आरक्षण शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने खेल के विकास के लिए स्पोर्ट्स अकादमी बनाने और विस्थापित क्षेत्र के बच्चों को बेहतर व निःशुल्क शिक्षा देने की भी मांग की है।

अनशन की अन्य मांगों में रेड मड तालाब दुर्घटना से प्रभावित किसानों को मुआवजा और नौकरी की गारंटी, प्रदूषण नियंत्रण के सख्त उपाय, नदी और जमीन के पुनः सर्वे की मांग, तथा कंपनी द्वारा अधिग्रहित जमीनों के सही माप-जोख का मुद्दा शामिल है। राजू महतो ने कहा कि हिंडाल्को मुरी वर्क्स द्वारा स्वर्णरेखा नदी पर अवैध कब्जा हटाया जाए और प्रदूषण को रोका जाए। साथ ही, उन्होंने कंपनी के परचेज विभाग में चल रही कथित कमीशनखोरी और ठेकेदारी में बाहरी दबंगों की भागीदारी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने स्थानीय युवाओं को परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग और मशीनरी संचालन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

राजू महतो ने कहा कि हिंडाल्को को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत काम करने में पारदर्शिता लानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि हर महीने एक सार्वजनिक पत्रिका प्रकाशित की जाए, जिसमें कंपनी की सभी CSR गतिविधियों की जानकारी दी जाए। साथ ही, उन्होंने फैक्ट्री क्षेत्र में प्रदूषण मापक यंत्र लगाने, रेड मड दुर्घटना की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की है। राजू महतो का कहना है कि उनका यह अनशन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कंपनी प्रबंधन इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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