द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा शहर के मुख्य बाजार स्थित कायस्थपाड़ा मोड़ पर चुनाव आचार संहिता अनुपालन के लिए गठित एफएसटी टीम द्वारा दुकानों पर लगाए गए झंडे और बैनर को लेकर सहमति पत्र दिखाने की मांग पर हंगामा मच गया। मौके पर ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीम का विरोध किया, जिससे दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी आरके गुप्ता तथा कार्यकर्ताओं के बीच गहमागहमी का माहौल बन गया। वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल और भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने आरोप लगाया कि पुलिस किसी दबाव में एकतरफा कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था कि दुकानदारों ने झंडा और बैनर अपनी सहमति से लगाए थे और प्रशासन के पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई, इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
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जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से अनुरोध किया कि आचार संहिता अनुपालन के तहत की जाने वाली सभी कार्रवाई न्याय संगत हो और किसी विशेष प्रत्याशी को लक्ष्य बनाकर नहीं की जाए। वीरेंद्र मंडल ने कहा कि प्रशासन दबाव में काम कर रहा है और झंडा-बैनर लगाने का सहमति पत्र दिखाने पर ही कार्रवाई होनी चाहिए, दुकानदारों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। एफएसटी टीम के दंडाधिकारी ने इस मामले में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का झंडा-बैनर हटवाना नहीं था। उन्होंने बताया कि सिर्फ दुकानदारों से सहमति पत्र मांगा गया था और यह आचार संहिता अनुपालन के निर्देश के अनुसार की गई कार्रवाई थी।
