जमशेदपुर
जवाहरनगर मानगो के नौ वर्षीय नीर कुमार, जो दिव्यांग भी हैं, की किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया है। बच्चा पिछले एक महीने से सीएमसी वेल्लोर में इलाजरत है। अब तक इलाज में लगभग दो लाख 50 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं और डॉक्टरों ने अनुमान जताया है कि आगे भी करीब छह लाख रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी।
नीर कुमार के पिता आलोक कुमार मजदूरी करते हैं और उनके पिता विपिन बिहारी अखबार बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। आलोक कुमार ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में रहना पड़ रहा है, जिससे रोज़मर्रा का काम प्रभावित हो गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि अब वे अकेले इलाज की भारी लागत वहन नहीं कर सकते।

बच्चे की मदद के लिए कांग्रेस नेत्री और सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर ब्यूटी मंडल ने सक्रियता दिखाई। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल मदद की अपील की और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भी सहायता करने के लिए आगे आने की गुहार लगाई।
ब्यूटी मंडल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि नीर कुमार के इलाज की लागत को लेकर संज्ञान लिया जाए और बच्चे को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। इस पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जिले के उपायुक्त को ट्वीट कर नीर कुमार को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत शामिल करने और तुरंत मदद देने का निर्देश दिया। इस मदद के साथ ही अब नीर कुमार का इलाज योजना के तहत सुनिश्चित रूप से जारी रहेगा और उम्मीद जताई जा रही है कि आवश्यक संसाधन मिलने से वह जल्द स्वस्थ हो पाएंगे।
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