द फॉलोअप डेस्क
आईएएस अधिकारी सह रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। बरियातू में हुए सेना जमीन घोटाले मामले में छवि रंजन ने ईडी के समक्ष उपस्थित होने के लिए 2 सप्ताह का समय मांगा था। ईडी ने छवि रंजन को समय देने से इनकार कर दिया है। एजेंसी ने एक बार फिर उन्हें समन जारी कर 24 अप्रैल को दफ्तर में हाजिर होने को कहा है। बता दें कि इससे पहले 21 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वो नहीं गए थे।

अनुसंधान टालने की कोशिश मानते हुए ईडी ने वक्त देने से किया इनकार
बता दें कि रांची में जमीन घोटाले में पूर्व डीसी आईएएस छवि रंजन ने ईडी से 2 हफ्ते का वक्त मांगा था। लेकिन इससे अनुसंधान टालने की कोशिश मानते हुए ईडी ने वक्त देने से साफ इनकार कर दिया है। शुक्रवार को छवि रंजन के वकीलों के द्वारा तमाम कोशिशें की गई कि पूर्व डीसी को 2 सप्ताह की मोहलत मिल जाए लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। ईडी ने एक और समन जारी करते हुए 24 अप्रैल को सुबह 11 बजे एजेंसी के दफ्तर में हाजिर होने को कहा है।

13 अप्रैल को ईडी ने की थी छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आइएएस अधिकारी छवि रंजन, सीओ, राजस्व कर्मचारी सहित कई जमीन माफियाओं के यहां एक साथ 13 अप्रैल को छापेमारी की थी। गौरतलब है कि छवि रंजन सहित अंचलाधिकारियों पर नियमों का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री को मंजूरी देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री मामले में ईडी ने यह कार्रवाई की। बता दें कि रांची में सेना की जमीन की रजिस्ट्री के मामले में रांची जिला प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। दोनों ही जगहों पर जमीन की खरीद करने वाले, रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति, सरकारी पदाधिकारी जिनकी भूमिका रजिस्ट्री म्यूटेशन में है, वह ईडी के रडार पर हैं। सेना जमीन खरीद में फर्जीवाड़ा के मामले में ईडी मनी लाउंडिंग के पहलूओं पर जांच कर रही है। सेना से मिले दस्तावेजों के मुताबिक जमीन की खरीद बिक्री में बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई है।
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