द फॉलोअप डेस्क
पेयजल स्वच्छता एवं उत्पाद तथा मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को नेपाल हाउस स्थित पेयजल विभाग के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्य प्रणाली और लंबित फाइलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों-अधिकारियों से कहा कि जनता को मूलभूत सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय कर्मी ससमय कार्यालय आएं और जाएं। आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन करें और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। ऐसा करनेवाले अधिकारी दंडित किए जाएंगे।

योगेंद्र प्रसाद ने आगामी गर्मी को देखते हुए हर हाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खराब चापाकलों की मरम्मत कार्य में युद्धस्तर पर तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि काम में ढिलाई और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति वाले कर्मी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने विभाग को “शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance)” की नीति पर कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
