द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थानाक्षेत्र के कुसुंभा गांव से आई खबर ने सबको झकझोर दिया था। जिसमें एक मां ने अपनी बेटी की बलि चढ़ा दी थी। इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। डायन-बिसाही, तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विष्णुगढ़ थाना परिसर में शांति समिति और पुलिस प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक में मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के मामले पर गंभीर चर्चा हुई। थाना प्रभारी सपन कुमार महथा ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे अंधविश्वास का परिणाम बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ओझा-गुनी, सोखा, भगत-भगतिन और झाड़-फूंक जैसी गतिविधियों से दूर रहें और वैज्ञानिक सोच अपनाएं।

पुलिस-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए क्षेत्र में सक्रिय सभी ओझा-गुनी गतिविधियों को बंद करने के लिए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी इस तरह की गतिविधियां जारी रहने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि उक्त हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बैठक में मौजूद लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। इस अवसर पर जिप सदस्य शेख तैयब ने पुलिस-प्रशासन को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। अंचलाधिकारी नित्यानंद दास ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील की।

बैठक के अंत में बीडीओ अखिलेश कुमार ने कहा कि अंधविश्वास ने एक मासूम की जान ले ली, अब समय है इसकी जड़ों पर प्रहार करने का। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में प्रखंड के सभी पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को इसके दुष्परिणाम समझाए जाएंगे। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।