द फॉलोअप डेस्क
राज्य और राज्य के बाहर के विद्वान और बुद्धिजीवियों के बजट तैयार किया गया है।सीएम के कुशल नेतृत्व में कोरोना के दो साल की विपरीत परिस्थिति के बावजूद राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर किया है। चुनौतियों के बावजूद विकास की राह ने सबसे अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को आगे लाने का काम किया है।सीएम मेधा छात्रवृति योजना ,सीएम गंभीर बीमारी योजना ,धोती साड़ी लूंगी योजना सहित सभी योजना सीधे राज्य की जनता से जुड़ा है।
हमारी सरकार के पांव जमीन पर मजबूती से टिके है और आसमान की ऊंचाई को छूना है। पिछले सरकारों में आम तौर पर बजट में 10% बढ़ोतरी होती थी ,इस बार हमने 15% की बढ़ोतरी की है।

राजकोषीय घाटा 1% से भी कम रखने में सफलता पाई
हमारी सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए बेहतर ऋण प्रबंधन किया है। हमारी सरकार ने बेहतर प्रबंधन के जरिए राजकोषीय घाटा पर भी नियंत्रण रखने में सफलता पाई है। राजकोषीय घाटा 1% से भी कम रखने में सफलता पाई है। विगत तीन वर्षो में योजना व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है , जबकि स्थापना व्यय में लगातार कमी आई है, राज्य सरकार राज्य के विकास में तरजीह दे रही है। 23- 24 में राजकोषीय घाटा 3% से कम होने का अनुमान है।हमारे सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्ति दिलाना और उनके आय में बढ़ोतरी करना है। 13 लाख किसान के खाते में 461 करोड़ की राशि हस्तांतरित किया गया।सौर ऊर्जा आधारित मैक्रो एरिगेशन को लागू करने के लिए कृषि समृद्धि योजना लागू किया जाना है।

वर्ष 2023-24 योजना क्रियान्वयन वर्ष होगा
वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमीन कर बजट में प्रस्तावित योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए वर्ष 2023-24 योजना क्रियान्वन वर्ष होगा। कहा कि वर्ष 2019-20 में राज्य का आर्थिक विकास दर 1.1 प्रतिशत था।वर्ष 2021-22 में यह 8.2 प्रतिशत हुआ। वर्ष 2022-23 में राष्ट्रीय आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत की तुलना में हमारे राज्य का विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।