द फॉलोअप डेस्क
जुगसलाई नगरपरिषद क्षेत्र में जांच के दौरान तीन ऐसे लाभुक पाए गए, जो झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2024 के अपवर्जन मानकों में आने के बावजूद PHH राशनकार्ड का उपयोग कर सरकारी राशन और अन्य सामग्री उठा रहे थे। उक्त के आधार पर जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनकी पहचान वार्ड संख्या 9 निवासी PHH राशनकार्ड धारक सिमरजित सिंह जॉली, पति जसवीर सिंह जॉली (राशनकार्ड संख्या 202005036167), PHH राशनकार्ड धारक जसवीर सिंह जॉली, पिता सरदार संत सिंह (राशनकार्ड संख्या 202005036271) और वार्ड संख्या 13 निवासी PHH राशनकार्ड धारक मालती देवी, पति सत्यनारायण सिंह (राशनकार्ड संख्या 202006313434) के रूप में की गई है।
डीसी कर्ण सत्यार्थी ने दी कार्रवाई की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अयोग्य राशनकार्ड धारकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों का हक सुरक्षित रहे। इस मामले को लेकर डीसी कर्ण सत्यार्थी ने सभी एमओ (मॉनीटरिंग अधिकारी) को अयोग्य राशनकार्ड धारकों की जांच का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सभी अयोग्य राशन कार्डधारियों को 10 दिनों के भीतर अपना राशन कार्ड सरेंडर करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो जिला प्रशासन द्वारा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अयोग्य राशन कार्डधारी वे लोग माने जाएंगे जो आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, चार पहिया वाहन के मालिक, जिनके घर में एसी लगा हो, और अन्य वर्जित श्रेणी में आते हैं। इन लोगों द्वारा धोखाधड़ी करने पर दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे।
सरेंडर न करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिन परिवारों को किसी कारणवश गृहस्थ परिवार या अंत्योदय परिवार का राशन कार्ड दिया गया है, और वे सरकार द्वारा निर्धारित अपवर्जन मानक के तहत आते हैं, उन्हें अपना राशन कार्ड 10 दिनों के भीतर सरेंडर करना अनिवार्य होगा। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती और राशन का उठाव जारी रखा जाता है, तो निम्नलिखित कार्रवाई की जाएगी:
आपराधिक कार्यवाही
राशन उठाने की तिथि से भू-राजस्व के बकाए की तरह बाजार दर पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित राशन की वसूली की जाएगी।
विभागीय कार्यवाही
यदि लाभार्थी भारत सरकार, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश या अन्य स्वायत निकाय में नियोजित है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
ऑफलाइन राशन उठाने पर होगी जांच
अगर राशन का उठाव ऑफलाइन किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। यदि 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोषी पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
