द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के लगभग 2.75 लाख कर्मियों को महीने की आठ तारीख को भी वेतन नहीं मिला। ऐसा पहली बार हुआ है जब वेतन भुगतान में इतना विलंब हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 10 अप्रैल को अगर भुगतान प्रारंभ नहीं हुआ तो फिर यह तिथि 12 अप्रैल तक जा सकती है। दिलचस्प यह है कि कर्मियों के वेतन भुगतान नहीं होने पर कोई भी अधिकृत व्यक्ति सीधे तौर बात करने से बच रहा है। भुगतान में विलंब के पीछे सॉफ्टवेयर और सिस्टम अपडेट को कारण बताया जा रहा है। सरकार के विभिन्न विभागों का कहना है कि आवंटन की राशि प्राप्त नहीं होने की वजह से ट्रेजरी से वेतन भुगतान में व्यवधान हो रहा है। लेकिन वित्त विभाग के कुछ जानकारों का कहना है कि सरकारी कोष में पैसे की कमी की वजह से सिस्टम अपडेट के नाम पर ट्रेजरी से भुगतान पर ब्रेक लगा दिया गया है। 10-12 अप्रैल तक सरकार के कोष में यथोचित राशि के आ जाने के बाद भुगतान की प्रक्रिया स्वतः प्रारंभ हो जाएगी। तब तक सिस्टम भी अपडेट हो जाएगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार पेंशन भोगियों के लिए राशि का आवंटन कर दिया गया है। इससे उन्हें पेंशन राशि का भुगतान हो रहा है। इसी तरह आवश्यक राशि के उपलब्ध रहने की वजह से मंत्रिमंडल समन्वय में भी वेतन का भुगतान हो गया। लेकिन मंत्रिमंडल समन्वय से जुड़े, मसलन नागर विमानन, मंत्रिमंडल निगरानी के अधिकारियों कर्मचारियों का भी भुगतान नहीं हो पाया। स्थिति ऐसी है कि सरकार के प्रमुख विभागों, वित्त, कार्मिक, नगर विकास, पथ निर्माण सहित अन्य किसी भी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो रहा है। क्षेत्रीय कार्यालय और अनुमंडलीय कार्यालयों के कर्मियों और अधिकारियों की स्थिति और भी बुरी है। यह अलग बात है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद नये बजट पर राजभवन की स्वीकृति और आवंटन आदेश जारी होने में कुछ अतिरिक्त समय पहले भी लगता रहा है। इसके बाद भी महीने की पांच से सात तारीख के बीच हर हाल में अब तक भुगतान होता रहा है। पिछले वर्ष भी सात अप्रैल को राज्यकर्मियों के वेतन का भुगतान हो गया था।

लगभग 2.75 लाख कर्मियों को वेतन भुगतान नहीं हो पाया है
राज्य सरकार के आंकड़े के अनुसार प्रदेश में 2 लाख 35 हजार 930 नियमित कर्मी हैं। इसके अलावा राज्य भर में 40-45 हजार कर्मी संविदा और आउट सोर्स पर कार्यरत हैं।
कई तरह की होने लगी है परेशानी
समय पर वेतन भुगतान नहीं होने से राज्यकर्मियों या संविदा कर्मियों को अब कई तरह की परेशानी होने लगी है। इसमें कई तरह के लोन लेनेवाले कर्मियों को ईएमआई की राशि के भुगतान में परेशानी है। जिन कर्मियों ने पांच से लेकर आठ तक अपनी ईएमआई के भुगतान की तिथि मुकर्रर कर रखी है, उन्हें सबसे अधिक परेशानी होने लगी है। इसके अलावा बच्चों की समय पर फीस भेजने या जमा करने के लिए वैकल्पिक रास्ते का तलाश करना पड़ रहा है।
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