नंदलाल तुरी
जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में घटी घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। सिद्धो-कानू मैदान के पास स्थित आवासीय कॉलोनी में 13 वर्षीय छात्र नवनीत कुमार ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। नवनीत संत जेवियर्स स्कूल का छात्र था और कक्षा चार में पढ़ता था।
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब एक बजे वह रोज की तरह स्कूल से घर लौटा था। घर आते ही वह बिना कुछ कहे सीधे अपने कमरे में चला गया। पिता किसी काम में लगे थे और उसकी छोटी बहन घर के बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद जब बहन कमरे में पहुंची तो दरवाजा खोलते ही उसकी चीख निकल गई। उसने नवनीत को रस्सी के सहारे पंखे से लटका हुआ देखा था। घटना की जानकारी मिलते ही पिता ने आनन-फानन में बेटे को नीचे उतारा और बिना देर किए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले गये, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने मामले की तत्काल सूचना बागबेड़ा थाना को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के बाद परिवार के सदस्य सदमे में हैं और बोल पाने की स्थिति में नहीं है।
मामले में बागबेड़ा पुलिस का कहना है कि बच्चे की उम्र कम होने के कारण इस पूरे मामले को अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ देखा जा रहा है। आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाने की जांच जारी है। पुलिस बच्चे की दिनचर्या, स्कूल रिकॉर्ड, दोस्तों और हालिया व्यवहार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। वहीं पड़ोसियों के अनुसार, नवनीत एक शांत, सरल और सामान्य स्वभाव वाला बच्चा था। उससे ऐसे कदम की किसी ने कल्पना नहीं की थी।
गौरतलब है कि बच्चों और किशोरों में बढ़ते तनाव को लेकर विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों में अचानक चुप्पी, दिनचर्या में बदलाव, उदासी या पढ़ाई-व्यवहार में गिरावट जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद, समझ और संवेदनशील व्यवहार कई जिंदगियों को टूटने से पहले संभाल सकता है। बता दें कि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी है। दिसंबर 2021 में रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित विवेक मेमोरियल स्कूल के कक्षा 8वीं के एक छात्र ने स्कूल हॉस्टल की बिल्डिंग के तीसरे तल्ले से कूदकर अपनी जान दे दी थी।
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