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गार्गी मंजू सम्मान में 250 शिक्षकों को किया गया सम्मानित, सुधीर तिवारी फाउंडेशन का शुभारंभ

गार्गी मंजू सम्मान में 250 शिक्षकों को किया गया सम्मानित, सुधीर तिवारी फाउंडेशन का शुभारंभ

रांची 
सुधीर तिवारी फाउंडेशन द्वारा रांची में आयोजित गार्गी मंजू सम्मान के चौथे संस्करण में राज्य के 250 उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी शिक्षकों को उनके शैक्षिक योगदान, समर्पण एवं समाज निर्माण में उनकी भूमिका के लिए 11,000 रुपये की नगद राशि, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में हिंदी के प्रख्यात कवि, साहित्यकार पद्म सम्मानित डॉ. अशोक चक्रधर एवं अंग्रेजी के विद्वान, साहित्यकार एवं कलाकार एंड्रयू हॉफ लैंड विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चार संस्करणों की इस गौरवपूर्ण यात्रा में अब तक देशभर के 1,000 से अधिक शिक्षक गार्गी मंजू सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह सम्मान आज कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक अपनी पहचान बना चुका है। आज गार्गी मंजू सम्मान देश का सबसे बड़ा शिक्षक सम्मान बन चुका है। इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश के विभिन्न हिस्सों से सम्मानित शिक्षक इसे केवल एक पुरस्कार के रूप में नहीं, बल्कि अपनी पेशेवर उपलब्धि और शिक्षक के रूप में गौरवपूर्ण पहचान के रूप में अपने प्रोफाइल में अंकित करते हैं।


भाषा और साहित्य को समर्पित रहा इस वर्ष का सम्मान
गार्गी मंजू सम्मान का चौथा संस्करण विशेष रूप से भाषा एवं साहित्य को समर्पित रहा। इसी थीम के अनुरूप इस वर्ष राज्य के हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा-साहित्य के राज्यभर के प्रतिष्ठित विद्यालयों के 250 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्वर्गीय गार्गी मंजू की स्मृति एवं उनके शैक्षिक आदर्शों को समर्पित है। उनका जीवन शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन की सबसे प्रभावी शक्ति और शिक्षक को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानने के लिए समर्पित रहा। उनके इसी विश्वास को आगे बढ़ाते हुए गार्गी मंजू सम्मान ने शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की एक विशिष्ट परंपरा स्थापित की है।
सुधीर तिवारी फाउंडेशन का हुआ भव्य शुभारंभ
एक ओर राज्यभर से आए शिक्षक सम्मानित हो रहे थे, वहीं दूसरी ओर इसी अवसर पर समाजसेवा के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। सुधीर तिवारी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य, कला एवं संस्कृति तथा लोकसेवा के लिए समर्पित रहेगा। फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सार्थक एवं दीर्घकालिक पहल के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना है। सुधीर तिवारी फाउंडेशन की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य है कि समाजसेवा सिर्फ आपदा के वक्त ही सेवा का कार्य न होकर हमारे दिन-प्रतिदिन का हिस्सा बने। चेयरमैन सुधीर तिवारी का मानना है कि हम लोगों को जो दुनिया मिली है, उससे एक बेहतर दुनिया बनाकर हम आने वाली पीढ़ी को सौंपकर जाएं। फाउंडेशन में कुल सात ट्रस्टी हैं—सुधीर तिवारी (चेयरमैन), वेदांत तिवारी, उषा किरण झा, लवलीन तिवारी, आकाश खोसला, शिवांगी शुक्ला एवं ज्योति खोसला। फाउंडेशन के सभी ट्रस्टी अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक सरोकार एवं लोकसेवा के लिए सम्मानित नाम हैं। सामूहिक नेतृत्व में फाउंडेशन शिक्षा से स्वास्थ्य, साहित्य से कला-संस्कृति और व्यापक लोकसेवा तक विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व को नई दिशा देने के लिए कार्य करेगा।
चेयरमैन सुधीर तिवारी ने किया स्वागत
समारोह में सुधीर तिवारी फाउंडेशन के चेयरमैन सुधीर तिवारी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए सम्मानित शिक्षकों, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों का स्वागत किया। उन्होंने गार्गी मंजू सम्मान की यात्रा को शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता और सम्मान की अभिव्यक्ति बताया।
उनके स्वागत संबोधन ने समारोह की मूल भावना—शिक्षक के सम्मान और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता—को केंद्र में रखा। सुधीर तिवारी ने सुधीर तिवारी फाउंडेशन की स्थापना के मूल उद्देश्य को सभी के समक्ष स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य, कला एवं लोकसेवा के क्षेत्र में सार्थक और समर्पित कार्य करते हुए समाज के व्यापक विकास में योगदान देगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन क्षेत्रों में निरंतर प्रयासों के माध्यम से फाउंडेशन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


एक मंच पर साहित्य की दो विशिष्ट आवाजें
समारोह की गरिमा को विशेष ऊंचाई प्रदान की प्रख्यात हिंदी कवि एवं पद्म सम्मानित साहित्यकार अशोक चक्रधर तथा अंग्रेजी साहित्य के प्रख्यात विद्वान एंड्रयू हॉफ लैंड की विशिष्ट उपस्थिति ने। शिक्षा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े इन दो विशिष्ट हस्ताक्षरों की उपस्थिति ने इस वर्ष के भाषा एवं साहित्य-केंद्रित आयोजन को एक विशिष्ट बौद्धिक एवं सांस्कृतिक आयाम प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज तक पूरे भारतवर्ष में उन्होंने ऐसा आयोजन नहीं देखा। उन्होंने सुधीर तिवारी एवं फाउंडेशन की जमकर प्रशंसा की। शिक्षकों के योगदान को उन्होंने अहम बताया एवं उन्हें समाज के श्रेष्ठ प्राणियों में बताया।
एंड्रयू हॉफ लैंड का संबोधन
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन एक शिक्षक के जीवन को प्रफुल्लित करते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि एक शिक्षक का योगदान देश के निर्माण में सबसे ज्यादा है। ऐसे सम्मान समारोह का आयोजन करने के लिए उन्होंने सुधीर तिवारी का धन्यवाद किया। समारोह के अंत में शिवांगी शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात संगीत और भव्य रात्रिभोज के साथ समारोह का समापन हुआ। सम्मान, साहित्य, संगीत और आत्मीयता से सजी यह शाम गार्गी मंजू सम्मान के चौथे संस्करण को एक यादगार और गरिमामय पड़ाव प्रदान कर गई। कार्यक्रम में टेंडर हार्ट स्कूल की प्राचार्या उषा किरण झा, निदेशक जे. मोहंती, उप-प्राचार्या कविता किरण झा सहित राज्य के सैकड़ों विद्यालयों के प्राचार्य-प्राचार्याएं एवं अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।


 

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