गढ़वा
झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला गढ़वा जिले का एक महत्वपूर्ण पुल अब बड़े हादसे का कारण बन सकता है। भंडरिया-बड़गढ़ मुख्य सड़क पर बिरहा नदी के ऊपर बना पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पुल का पाया धंसने के कारण बीच का स्लैब नीचे बैठ गया है, जिससे इसके कभी भी धराशायी होने की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल से गुजरने को मजबूर हैं।
इलाके की लाइफलाइन है यह पुल
बिरहा नदी पर बना यह पुल भंडरिया और बड़गढ़ प्रखंड के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग न केवल लोगों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है, बल्कि लातेहार, गुमला और सिमडेगा समेत पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, वाहन चालक और राहगीर इस पुल का इस्तेमाल करते हैं। 
पाया धंसने से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल की हालत लंबे समय से खराब है। नदी में पुल का एक पाया धंस जाने के बाद इसका मध्य हिस्सा नीचे बैठ गया है। ऐसे में यदि पुल पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद रहा तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बैरिकेडिंग के बाद भी जारी है आवाजाही
प्रशासन की ओर से पुल पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और लोहे की बैरिकेडिंग कर दी गई है। भारी वाहनों के आवागमन पर रोक भी लगाई गई है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग और वाहन चालक जोखिम उठाकर पुल पार कर रहे हैं। इससे हादसे की संभावना और बढ़ गई है। इस मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और टेंडर भी जारी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक बाईपास मार्ग की व्यवस्था की गई है। जल्द ही नए पुल का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।