गढ़वा
गढ़वा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) मनोज प्रसाद के आदेश से तथा सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशन में मंडल कारा गढ़वा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को त्वरित न्याय, निःशुल्क कानूनी सहायता तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में L.A.D.C नित्यानंद दुबे, अनीता रंजन, जेलर मोहम्मद मुस्तकीम, जेल प्रशासन के अधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान जेल अदालत का आयोजन कर बंदियों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। कई बंदियों ने अपने मामलों, जमानत, मुकदमों के लंबित रहने तथा कानूनी सहायता से जुड़ी समस्याओं को L.A.D.C के समक्ष रखा।

न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित हर संभव सहायता
L.A.D.C के डिप्टी चीफ नित्यानंद दुबे ने बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना DLSA की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर बंदियों को राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों के निष्पादन तथा विधिक सेवा प्राधिकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। L.A.D.C के डिप्टी चीफ अनीता रंजन ने कहा कि जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके। इस कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें चिकित्सकों की टीम ने सभी बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की। जांच के दौरान कई कैदियों में सामान्य बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा संबंधी समस्याएं एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें पाई गईं। चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श दिया तथा जरूरतमंद बंदियों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।
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बंदियों में कानूनी जागरूकता
गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित बंदियों के समुचित इलाज के लिए आगे आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई। L.A.D.C के सदस्यों ने कहा कि बंदियों को कानूनी सहायता के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर जेल अदालत, विधिक जागरूकता शिविर एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बंदियों में कानूनी जागरूकता बढ़ती है तथा उन्हें अपने अधिकारों और न्यायिक प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी मिलती है। वहीं गढ़वा एसडीएम तथा प्रभारी जेल सुपरिंटेंडेंट संजय कुमार ने DLSA के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर बंदियों के हित में काफी उपयोगी साबित होते हैं। कार्यक्रम के अंत में बंदियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी जागरूक किया गया।