द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
रांची में आज राज्यपाल संतोष गंगवार ने उपेंद्र पाठक द्वारा संकलित पुस्तक ‘संचित विचार’ का विमोचन किया। इस अवसर पर संकलक उपेंद्र पाठक ने पुस्तक के विमोचन के लिए समय देने पर राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि यह पुस्तक युवा पीढ़ी के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उपेंद्र पाठक ने कहा कि विचार कभी समाप्त नहीं होते, बल्कि समय के साथ आगे बढ़ते हुए नई पीढ़ी को दिशा देते रहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संकलन युवाओं के जीवन में सकारात्मकता और प्रेरणा का एक छोटा-सा स्रोत बनेगा। उनके अनुसार, श्रेष्ठ विचार व्यक्ति के जीवन को दिशा देते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बनते हैं।

जनसेवा और सामाजिक दायित्वों को समर्पित रहा जीवन
उपेंद्र पाठक ने अपना जीवन जनसेवा, सामाजिक दायित्वों और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन के लिए समर्पित किया है। संयुक्त बिहार के समय वे बिहार मत्स्य कर्मचारी संघ के महासचिव रहे और मत्स्य विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2001 में वे मत्स्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने समाज और धर्म के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। वे रांची के साकेत विहार स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर के अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा करते रहे और वर्तमान में मंदिर के संरक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अध्ययन, चिंतन और प्रेरणादायी साहित्य के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है। वर्षों से उन्होंने विभिन्न ग्रंथों, महापुरुषों के विचारों और प्रेरक वचनों का संग्रह किया है। ‘संचित विचार’ उसी साधना, अध्ययन और जीवनानुभव का परिणाम है। इस संकलन का उद्देश्य पाठकों को सकारात्मक चिंतन, नैतिक मूल्यों और आत्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में इन लोगों की मौजूदगी
कार्यक्रम में डॉ. एचपी नारायण, अरविंद कुमार, रंजय ओझा, अशोक कुमार राय, सुधांशु पाठक, संध्या पाठक, नीलम पाठक, वेदांत कौस्तव और तेजस कुमार उपस्थित थे।