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बाबूलाल की याचिका पर SC में सुनवाई, मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP समेत कई अफसरों को नोटिस, इस दिन होगी अगली बहस 

बाबूलाल की याचिका पर SC में सुनवाई, मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP समेत कई अफसरों को नोटिस, इस दिन होगी अगली बहस 

द फॉलोअप डेस्क 
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के डीजीपी पद पर नियुक्ति को लेकर दायर अवमानना याचिका पर राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई 4-5 मई को होगी।  भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने याचिका दायर कर अनुराग गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति "प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार" मामले में कोर्ट के फैसले के विपरीत हुई है।  

सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में आदेश दिया था कि डीजीपी की नियुक्ति लोक सेवा आयोग द्वारा तैयार पैनल से की जाएगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा, और नियुक्त अधिकारी का कार्यकाल कम से कम दो साल होगा, भले ही उसकी सेवानिवृत्ति पहले हो।  2018 में कोर्ट ने साफ किया था कि कोई भी राज्य सरकार कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त नहीं कर सकती।  

याचिका के अनुसार, अजय कुमार सिंह को समय से पहले हटाकर अनुराग गुप्ता को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया। फिर लोक सेवा आयोग को एक नई सूची भेजी गई, जिसमें अनुराग गुप्ता का नाम शामिल था। चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के निर्देश पर अनुराग गुप्ता को हटाया गया, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें फिर से डीजीपी नियुक्त कर दिया गया। बाबूलाल मरांडी ने अनुराग गुप्ता की नियुक्ति रद्द करने और प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस भेजा है और सुनवाई 4-5 मई को होगी।


 

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