द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के बर्मामाइंस क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीते लगभग एक वर्ष से भारी वाहनों की आवाजाही और अवैध पार्किंग के कारण सड़कें संकरी हो चुकी हैं और हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। बाजार क्षेत्र के पास बना स्लैग प्वाइंट पूरे इलाके को जहरीली धूल से भर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति यह है कि रात दस बजे के बाद बस्ती और कंचननगर की ओर जाने वाला रास्ता लगभग बंद हो जाता है। किसी भी आपात स्थिति में बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नुवाको सीमेंट की भारी गाड़ियां अवैध रूप से सड़कों पर खड़ी रहती हैं, जिससे जाम की समस्या और गंभीर हो गई है। इसके साथ ही बस्ती को तोड़े जाने की अफवाहें फैलाकर लोगों को भयभीत करने का भी आरोप लगाया गया है। इन तमाम समस्याओं को लेकर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू तिवारी के नेतृत्व में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान 14 दिसंबर को बर्मामाइंस के दुर्गा पूजा मैदान में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल भी उठाया गया कि क्या कंपनियों का मुनाफा आम जनता की जान और सेहत से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
