द फॉलोअप डेस्क:
हेमंत सरकार किसान, छोटे व मझोले व्यापारी और आम लोगों की विरोधी सरकार है। कृषि बाजार समिति पर फिर से शुल्क लगाकर हेमंत सरकार ने बंद पड़े भ्रष्टाचार के अड्डे को चालू कर दिया। भाजपा इसका कड़ा विरोध करती है। इस शुल्क के लागू होने से सबसे ज्यादा किसान और आम लोग प्रभावित होंगे। उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने कही है।बता दें कि झारखंड राज्य किसी उत्पाद और पशुधन विधेयक 2022 के तहत 2 पीस दे शुल्क लगाने के निर्णय लिया गया है। जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

हेमंत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर दी जा रही सब्सिडी
रघुवर दास ने यह भी कहा है कि हेमंत सरकार से लोगों को राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती है। सरकार में आते ही सबसे पहले हेमंत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर दी जा रही सब्सिडी वापस ली। इसके बाद महिलाओं को नाम पर 1 रुपये में रजिस्ट्री करने वाली योजना बंद कर दी और अब कृषि शुल्क लागू कर लोगों पर बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। भाजपा किसान, व्यापारी और आम लोग विरोधी इस हेमंत सरकार का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

100 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित
बता दें कि कृषि शुल्क विधेयक के विरोध में बुधवार को रांची सहित पूरे झारखंड में थोक खाद्यान्न मंडी और आलू प्याज मंडी बंद रही। बाजार समितियों की दुकानें भी बंद रहे। एक अनुमान के मुताबिक झारखंड में थोक खाद दुकानें बंद रहने के कारण 100 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है।