दावोस/स्विट्ज़रलैंड
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर झारखण्ड को नई पहचान दिलाते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वे भारत से पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बने हैं, जिन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक, दावोस में भाग लिया। इस अवसर पर झारखण्ड में उनके नेतृत्व में हो रहे परिवर्तनकारी कार्यों को मान्यता देते हुए WEF की ओर से मुख्यमंत्री को प्रतिष्ठित व्हाइट बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया।
व्हाइट बैज विश्व आर्थिक मंच द्वारा चुनिंदा वैश्विक नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को दिया जाने वाला विशिष्ट सम्मान है। इसके माध्यम से धारक को WEF कांग्रेस सेंटर और सभी प्रमुख कार्यक्रमों में पूर्ण एवं समान प्रवेश प्राप्त होता है। यह सम्मान झारखण्ड के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
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WEF के वरिष्ठ प्रतिनिधियों शैलेश और अनूप ने मुख्यमंत्री को मंच के अध्यक्ष की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम झारखण्ड के साथ दीर्घकालिक और सार्थक साझेदारी विकसित करने को इच्छुक है। मुख्यमंत्री द्वारा WEF अध्यक्ष को भेजे गए औपचारिक पत्र की भी सराहना की गई, जिसे राज्य की स्पष्ट विकास-दृष्टि और वैश्विक सहभागिता के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत बताया गया।
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि झारखण्ड, WEF की टीम के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है। इस क्रम में क्रिटिकल मिनरल्स, समावेशी और रेज़िलिएंट समाज, जलवायु कार्रवाई तथा ऊर्जा संक्रमण जैसे अहम विषयों पर साझा सोच और भविष्य की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

WEF प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को WEF साइट भ्रमण का आमंत्रण भी दिया और यह जानकारी दी कि WEF अध्यक्ष भविष्य में झारखण्ड के साथ मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर सीधा संवाद करना चाहते हैं।
यह सम्मान न केवल वैश्विक मंच पर झारखण्ड की बढ़ती पहचान को दर्शाता है, बल्कि समावेशी, सतत और भविष्य-केंद्रित विकास की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
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