रांची
झारखंड हाई कोर्ट ने रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) में लैबोरेटरी टेक्नीशियन पदों पर नियुक्ति को लेकर दायर अपीलों पर अहम निर्णय सुनाया है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने नियुक्ति प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप नहीं मानते हुए इसे पूर्णतः रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने रिम्स प्रशासन को आदेश दिया है कि वह आगामी तीन महीनों के भीतर नियम संगत तरीके से पुनः नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे। साथ ही, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक नई बहाली प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान में कार्यरत प्रभावित अभ्यर्थियों से वैकल्पिक रूप से कार्य लिया जा सकता है। यदि निर्धारित समय-सीमा में नई बहाली नहीं होती है, तो ऐसे मामलों में सेवा विस्तार सिर्फ कोर्ट की अनुमति से ही दिया जा सकेगा।

यह फैसला उस अपील पर आया है जो संतोष कुमार सिंह समेत अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई थी। उनकी ओर से अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने कोर्ट में पक्ष रखा। गौरतलब है कि इससे पहले हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 9 जनवरी 2024 को भुवन भास्कर एवं अन्य बनाम राज्य सरकार मामले में पूर्व में जारी रिजल्ट को अमान्य कर संशोधित मेरिट लिस्ट जारी करने का आदेश दिया था, जिसे चुनौती देते हुए यह अपील की गई थी।
