द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले में पत्नी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। शनिवार को जामताड़ा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई के बाद आरोपी पति निताई घोष को दोषी करार दिया। न्यायालय ने निताई घोष को भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 306 के तहत 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 5000 का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को 2 साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह दर्दनाक मामला जामताड़ा के नाला थाना क्षेत्र का है। मृतका रूपाली घोष की शादी करीब 12 वर्ष पहले आरोपी निताई घोष के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही पति उसे लगातार प्रताड़ित करता आ रहा था। घटना वाले दिन आरोपी ने रूपाली के साथ जमकर मारपीट की थी, जिसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में रूपाली की मौत हो गई। रूपाली की मौत के बाद उसके भाई रॉबिन पाल ने आरोपी पति के खिलाफ नाला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों को मद्देनजर रखते हुए आरोप को सच पाया और आरोपी पति को कानून के तहत सख्त सजा मुकर्रर की।
