द फॉलोअप डेस्क, रांची:
चतरा में खैनी के लिए मर्डर हो गया। एक बॉडीगार्ड ने अपने सहकर्मी को केवल इसलिए गोली मार दी, क्योंकि वो खैनी मांग रहा था। सनक का लेवल देखिए कि एक चुटकी खैनी की खातिर बॉडीगार्ड बलबीर सिंह ने सहकर्मी अतुल की जान ले ली। बलबीर ने प्वॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली चलाई जो सीधी अतुल की एक आंख में जा धंसी। इतने नजदीक से गोली लगने के बाद अतुल का चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया। मृतक अतुल और आरोपी बलबीर, बिहार के बेलागंज की विधायक मनोरमा देवी के बेटे विनीत यादव उर्फ रॉकी के निजी बॉडीगार्ड थे। विनीत यादव, रमैया कंस्ट्रक्शन के मालिक हैं और किसी काम से चतरा में पुलिस अधीक्षक के आवास पर आये थे। चतरा में एसपी आवास के बाहर दिनदहाड़े इस हत्याकांड को लेकर जितनी दहशत है, उतनी ही हैरानी इसके पीछे की वजह को लेकर भी है।

आरोपी बलबीर समेत 2 लोग हिरासत में
पुलिस ने आरोपी बलबीर सिंह समेत 2 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिया गया दूसरा व्यक्ति बिहार पुलिस का सिपाही है, जो विधायक मनोरमा देवी की सुरक्षा में तैनात बताया जा रहा है। पुलिस विनीत यादव और उसके चालक से भी पूछताछ कर रही है। बलबीर ने अतुल को गोली विनीत यादव की गाड़ी के भीतर ही मारी। गोली लगते ही अतुल सिर के बल गाड़ी से नीचे आ गिरा। पुलिस का कहना है कि आरोपी बलबीर इससे पहले नबीनगर में फायरिंग की वारदात कर चुका है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बलबीर की जेब से उन्हें रिनपास का पर्चा मिला है।
बलबीर ने शुरुआती पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वह अतुल के बार-बार खैनी मांगने से परेशान हो गया था और इसी आवेश में आकर उसने गोली चला दी।

बिहार के बक्सर का निवासी था मृतक अतुल
पुलिस ने बताया कि आरोपी बलबीर सिंह उसके आधार कार्ड के मुताबिक यूपी के अलीगढ़ का रहने वाला है, जबकि मृतक अतुल बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला था। फायरिंग लाइसेंसी हथियार से हुई है। पुलिस इस एंगल से भी जांच करेगी कि, क्या सिक्योरिटी एजेंसी ने बलबीर सिंह को काम पर रखने से पहले उसका पर्याप्त बैकग्राउंड चेक किया था। पुलिस यह भी जांचेगी कि विधायक मनोरमा देवी का बॉडीगार्ड उनके बेटे विनीत यादव के साथ क्यों था। दरअसल, सबसे पहले एसपी आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बिहार पुलिस के सिपाही को ही पकड़ा था, जो फायरिंग के तुरंत बाद गाड़ी से निकलकर भागा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिपाही दरअसल, फायरिंग से डर गया और गाड़ी से दूर भागने की कोशिश कर रहा था।
चतरा पुलिस खैनी मांगने पर मर्डर के अलावा दूसरे एंगल से भी बॉडीगार्ड अतुल हत्याकांड की जांच करेगी।

सनक की वजह से सहकर्मी को गोली मार दी
इस घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है। क्या ऐसी जानलेवा सनक ठीक है। क्या हथियारों का लाइसेंस जारी करने से पहले इसे हासिल करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि खंगाली जाती है। आरोपी बलबीर के पास रिनपास का पर्चा मिला है। क्या उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। यदि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, तो क्या ठेकेदार विनीत यादव और सिक्योरिटी एजेंसी को इसकी जानकारी थी। आरोपी बलबीर सिंह नबीनगर में पहले भी फायरिंग की वारदात में संलिप्त रहा है।
क्या सिक्योरिटी एजेंसी को इसकी जानकारी नहीं थी। क्या कोई भी व्यक्ति यूं ही हथियार लेकर घूम सकता है और जहां-तहां फायरिंग करके लोगों की जान ले सकता है।