द फॉलोअप डेस्क
सीसीएल ऑफिसर्स क्लब, बनियाडीह में शनिवार को राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (इंटक) के बैनर तले इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह सभा उनके निधन के उपरांत उनके श्रमिकों के बीच अमूल्य योगदान को याद करते हुए आयोजित की गई।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन ओपन कास्ट गिरिडीह असंगठित इंटक के अध्यक्ष एवं पंचायत समिति सदस्य मनोज दास ने किया, जबकि अध्यक्षता कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव एवं इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष ऋषिकेश मिश्रा ने की। सभा की शुरुआत स्वर्गीय ददई दुबे की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन के साथ की गई। इस दौरान श्रमिकों एवं इंटक पदाधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए ऋषिकेश मिश्रा ने कहा, "ददई दुबे न केवल मजदूरों के सच्चे हितैषी थे, बल्कि वे सड़क से संसद तक श्रमिकों की आवाज रहे। उनका जीवन पूरी तरह मजदूर हितों को समर्पित था।" उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उनका निधन हो गया।
उन्होंने आगे कहा कि "चंद्रशेखर दुबे जी ने कोयला मंत्रालय की स्थायी समिति की बैठक में तत्कालीन कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल से मजदूरों के हक में तीखी बहस की थी। यही नहीं, उन्होंने चार बार विश्रामपुर से विधायक और धनबाद लोकसभा से सांसद के रूप में मजदूरों की आवाज को मजबूती से उठाया।"
ऋषिकेश मिश्रा ने यह भी याद किया कि वर्ष 2016 में उनका आगमन गिरिडीह सीसीएल क्षेत्र में हुआ था, जिसके बाद उन्होंने लगातार गिरिडीह के श्रमिकों के मुद्दे को राष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाया। इस अवसर पर सीसीएल महाप्रबंधक कार्यालय के रा. को. म. स. के सचिव मो. इकबाल, सहायक सचिव दानिश, कबरीबाद शाखा के अध्यक्ष राहुल विश्वकर्मा, प्रभारी मो. सरफराज अंसारी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार झा, वरिष्ठ अधिकारी अजीत कुमार, जोगेंद्र दास, पंकज कुमार, सद्दाम हुसैन, इंदर चमार, कार्तिक बढ़ई, वसीम अंसारी, एनुअल अंसारी, किशोरी दूसाद, सलीम एवं इसफाक सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठित इंटक से मनोज दास, सुरेश राय, मुकेश कुमार दास, विक्रम भवानी, शिव कुमार, रवि कुमार, शुभम, दिलीप राणा, नूनुलाल पासी, नोकलाल दास, रफीक अंसारी, नानू, सूरज समेत बड़ी संख्या में श्रमिक नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। सभा के दौरान सभी ने स्वर्गीय ददई दुबे के योगदान को याद कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
