जामताड़ा
गरीबों, बेसहारा और निराश्रित बुजुर्गों को दो वक्त की रोटी का संबल देने वाली सरकारी 'वृद्धा पेंशन योजना' पर अब रसूखदारों द्वारा डाका डालने का मामला सामने आया है। ताजा मामला नगर पंचायत के वार्ड संख्या 9 का है, जहां निर्विरोध चुनी गईं वर्तमान वार्ड पार्षद जयंती दत्ता पर नियमों की धज्जियां उड़ाकर अवैध तरीके से वृद्धा पेंशन का लाभ लेने का गंभीर आरोप लगा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस संपन्न परिवार के लिए सत्ता और सरकारी तंत्र कोई नई बात नहीं है; जयंती दत्ता के पति सजल दत्ता भी पूर्व में इसी वार्ड से पार्षद रह चुके हैं। इसके बावजूद, गरीबों और निराश्रितों के हक की राशि को इस तरह हड़पने का खेल पिछले कई महीनों से बेखौफ चल रहा है।
सिस्टम की लापरवाही पर खड़े हुए बड़े सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड पार्षद जयंती दत्त 28 फरवरी 2024 से लगातार इस वृद्धा पेंशन का लाभ ले रही हैं। मार्च 2026 में भी उनके खाते में पेंशन की राशि भेजी गई है, जिसका सैंक्शन ऑर्डर नंबर JH-S-07983299 है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाकर यह बड़ा खेल चल रहा है? सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ देने से पहले वार्ड, ब्लॉक (अंचल) और जिला स्तर पर बेहद गहन जांच-पड़ताल की जाती है। इतनी कड़ी जांच के बाद भी एक वर्तमान वार्ड पार्षद को पेंशन मिलना, सरकारी तंत्र और संबंधित विभाग की घोर लापरवाही पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
क्या कहता है सरकारी नियम?
सरकारी नियमों के मुताबिक, नगर पंचायत के किसी भी वार्ड पार्षद को वृद्धा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ बिल्कुल नहीं मिल सकता। यह पेंशन केवल उन निराश्रित और अत्यंत गरीब वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जिनके पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं होता। कोई भी निर्वाचित जन-प्रतिनिधि या सरकारी कर्मचारी जो पद पर रहकर सरकार से वेतन, मानदेय या भत्ता प्राप्त कर रहा है, वह इसके दायरे से बाहर हो जाता है। चूंकि वार्ड पार्षद को नगर निकाय से मासिक मानदेय और बैठक भत्ता मिलता है, इसलिए वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।
सीओ ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस गंभीर और संवेदनशील मामले को लेकर जब जामताड़ा के अंचलाधिकारी (CO) अवेश्वर मुर्मू से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।