द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा व्यवहार न्यायालय ने धोखे में रखकर शादी का प्रलोभन देने, दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो वायरल करने के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई पूरी करते हुए दोषी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नारायणपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी आरोपी ताउस अंसारी को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64: दुष्कर्म के इस मामले में दोषी को 14 साल के कठोर कारावास और ₹40,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना न भरने पर 1 साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2): इस धारा के तहत 3 साल के कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा दी गई। जुर्माना न देने पर 1 माह की अतिरिक्त कैद होगी। आईटी एक्ट की धारा 66E: अश्लील वीडियो वायरल करने के जुर्म में 3 साल के कारावास और ₹40,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

वहीं न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषी को सुनाई गई ये सभी सजाएं एक साथ (साथ-साथ) चलेंगी। यह मामला नारायणपुर थाना कांड संख्या 92/2024 से जुड़ा है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता के पास एक अनजान अंजान नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को मुस्लिम युवक बताया और दोनों में बातचीत शुरू हो गई। बातचीत के दौरान आरोपी ने पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया और वे करमदाहा मेला में मिले। इसके बाद आरोपी पीड़िता के घर भी गया। एक दिन आरोपी उसे घुमाने के बहाने ले गया और चॉकलेट में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो उसने शादी का झांसा देकर उसे शांत करा दिया। बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बाद जब पीड़िता ने उससे बातचीत करना बंद कर दिया, तो आरोपी ने उसकी अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले में अभियोजन (सरकार) की ओर से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।
