logo

जामताड़ा में साइबर अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस पर ग्रामीणों का हमला, बिना गिरफ्तारी लौटना पड़ा

jamtada_cyber_THANA.jpg

द फॉलोअप डेस्क 

जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तारासठिया गांव में शुक्रवार की शाम उस समय भारी तनाव फैल गया, जब साइबर अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम को ग्रामीणों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के भारी हंगामे और विरोध के कारण पुलिस को बिना किसी गिरफ्तारी के ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जामताड़ा साइबर थाना की एक विशेष टीम सब-इंस्पेक्टर (SI) हीरालाल महतो के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर तारासठिया गांव पहुंची थी। पुलिस का उद्देश्य एक संदेहास्पद साइबर अपराधी को गिरफ्तार करना था। जैसे ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की, वैसे ही मुस्ताक अंसारी नामक व्यक्ति के नेतृत्व में लगभग 50 से 60 महिला और पुरुषों की उग्र भीड़ वहां इकट्ठा हो गई। भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और उनकी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का काफी प्रयास किया, लेकिन भीड़ का आक्रोश बढ़ता ही गया।

देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों के हिंसक तेवर और भारी विरोध को देखते हुए, पुलिस टीम को अंततः सुरक्षा कारणों से बिना आरोपी को गिरफ्तार किए ही गांव से वापस निकलना पड़ा। इस घटना को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। अभियान का नेतृत्व कर रहे एसआई हीरालाल महतो ने नारायणपुर थाने में लिखित आवेदन देकर सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नारायणपुर थाना कांड संख्या 33/2026 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) और 122 के अंतर्गत दर्ज की गई है, जिसमें मुस्ताक अंसारी को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है।

Tags - jamtaranarayanpurtarasathia-villagecyber-criminalspolice-teamsi-heeralal-mahtosecret-informationsuspected-criminalviolent-protestangry-villagers