द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा में भाजपा विधायक रागिनी सिंह के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सदन में जवाब देने में असमर्थ रहे। रागिनी सिंह ने कहा कि मंत्री ने पहले घोषणा की थी कि किसी भी मरीज की मौत होने पर अस्पताल को कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा। हालांकि उनके विधानसभा क्षेत्र झरिया में होली के दिन एक व्यक्ति बीमार पड़ गया और अस्पताल में इलाज के दौरान 2,75,000 रुपये का बिल आया। बिल में मात्र 20,000 रुपये की कमी होने पर अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया। रागिनी सिंह ने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीन पर ये लागू होते नहीं दिखती हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मरीज और उनके परिवार के लिए ऐसी व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं और क्या यह नीति वास्तव में जनता तक पहुंच रही है। सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके, जिससे सदन में हलचल मच गई।
