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मेयर पद : सभी नगर निगमों में झामुमो और कांग्रेस प्रत्याशी आमने-सामने, भाजपा को भी अपनों से चुनौती

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द फॉलोअप डेस्क

नगर निकाय चुनाव की बिसात बिछ गयी है। चुनाव चिन्हों के आवंटन के बाद विभिन्न दलों के समर्थित प्रत्याशियों के नाम सामने आ गए हैं। इंडिया गठबंधन की बात करें तो सभी नौ नगर निगमों में झामुमो और कांग्रेस समर्थित मेयर प्रत्याशी आमने सामने हैं। इसी तरह दो-तीन सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को उनकी ही पार्टी के बड़े नेता से चुनौती मिल रही है। यहां सबसे दिलचस्प स्थिति आजसू पार्टी की है। आजसू पार्टी ने अब तक अघोषित रूप से कांग्रेस, भाजपा या झामुमो की तरह किसी भी प्रत्याशी का समर्थन नहीं किया है। वहीं जेएलकेएम ने पांच-छह सीटों पर मेयर पद के प्रत्याशियों का समर्थन किया है। आजसू पार्टी ने निकाय चुनाव में लगभग अपने को किनारे कर लिया है।

किन किन निगमों में कांग्रेस और झामुमो आमने-सामने

रांची में कांग्रेस और झामुमो प्रत्याशी आमने सामने हैं। यहां कांग्रेस समर्थित रमा खलखो हैं तो झामुमो समर्थित सुजीत विजय आनंद कुजूर। अब चास नगर निगम क्षेत्र चलें तो यहां कांग्रेस समर्थित जमील अख्तर के सामने झामुमो समर्थित उमेश ठाकुर खड़े हैं। बगल के धनबाद नगर निगम की बात करें तो झामुमो ने चंद्रशेखर अग्रवाल का समर्थन किया है तो कांग्रेस ने शमशेर आलम का। यहां भी इंडिया गठबंधन के दोनों दल आमने सामने हैं। पलामू प्रमंडल के मेदिनीनगर नगर निगम की बात करें तो यहां भी कांग्रेस समर्थित नम्रता त्रिपाठी को झामुमो की पूनम देवी चुनौती दे रही है। गिरिडीह की स्थिति भी कमोवेश यही है। यहां झामुमो की प्रमिला मेहरा के सामने कांग्रेस के समीर राज चौधरी सीधे खड़े हैं। हजारीबाग की स्थिति अलग नहीं है। यहां झामुमो ने विकास राणा का समर्थन किया है तो कांग्रेस ने तसलीम अंसारी का सपोर्ट देकर आपसी टकराव को बल दे दिया है। चर्चित मानगो नगर निगम में भी झामुमो और कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति ही बनती जा रह है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता का समर्थन किया है तो झामुमो जेबा कादरी या लक्की सिंह का समर्थन करें, के बीच बुरी तरह उलझा हुआ है। आदित्यपुर नगर निगम में मेयर पद के प्रत्याशी भुगलु सोरेन उर्फ डब्बा सोरन का समर्थन किया है। उनके विरुद्ध खड़े कांग्रेस समर्थिक विक्रम किस्कू का नामांकन रद्द हो जाने के बाद अब रमेश बलमुचू को समर्थन देने पर विचार हो रहा है। इस तरह यहां भी झामुमो और कांग्रेस आमने सामने है। देवघर नगर निगम में भी झामुमो समर्थित रवि राउत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ गौरव सिंह आमने सामने हैं। हालांकि कांग्रेस ने अब तक डॉ गौरव के समर्थन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

भाजपा को भी कुछ सीटों पर भाजपाई से चुनौती

भाजपा को भी कुछ सीटों पर अपने ही दल के दूसरे नेता की चुनौती मिल रही है। इसमें सबसे प्रमुख धनबाद नगर निगम है। यहां भाजपा ने संजीव अग्रवाल का समर्थन किया है। लेकिन संजीव अग्रवाल के सामने भाजपा विधायक रागिनी सिंह के पति और पूर्व विधायक संजीव सिंह मजबूती से मैदान में कूद पड़े हैं। मानगो में भी भाजपा समर्थित संध्या सिंह के सामने पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव और मेदिनीनगर में भी भाजपा समर्थित अरुणा शंकर के सामने भाजपा के वरिष्ठ नेता की पत्नी रिंकू सिंह चुनाव मैदान में डटी हुई है। देवघर में भाजपा समर्थित रीता चौरसिया को अपने ही दल के नागेंद्र नाथ बलियासे से गंभीर चुनौती मिल रही है। चास में भी सांसद ढुलू महतो के दो सांसद प्रतिनिधियों के मैदान में होने से भाजपा समर्थित अविनाश कुमार को अपने ही दल के प्रत्याशी से भी आमना-सामना करना पड़ रहा है।

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