द फॉलोअप डेस्क
संसद में पेश किए गए 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी क्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी विधेयक के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। झामुमो की केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार, देशभर के सभी जिला मुख्यालयों की तरह गोड्डा में भी इस विधेयक के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया।
गोड्डा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रो. प्रेम नन्दन कुमार के नेतृत्व में कारगिल चौक पर प्रदर्शन आयोजित हुआ, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का पुतला दहन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रो. प्रेम नन्दन कुमार ने कहा, “भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस काले कानून को इसलिए लाया है ताकि उनके इशारे पर नहीं चलने वाली राज्य सरकारों को गिराया जा सके। यह विधेयक संविधान विरोधी है और लोकतंत्र पर सीधा हमला है।” उन्होंने आगे कहा, “पहले केंद्र सरकार ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर चुनी हुई सरकारों को झूठे मुकदमों में फंसाकर पदच्युत करने का कार्य करती थी। अब SIR के नाम पर आम लोगों को उनके वोट के अधिकार से वंचित करने का प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से 130वां संविधान संशोधन विधेयक लाया गया है।”
प्रो. कुमार ने जोर देते हुए कहा, “यह एक काला कानून है। मोदी जी की निगाहें कहीं और हैं और निशाना कहीं और। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने संकल्प लिया है कि जिस तरह तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मोदी सरकार को घुटने टेकने पड़े थे, उसी तरह यह बिल भी वापस करवाकर रहेंगे।” रैली और पुतला दहन के दौरान भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
इस मौके पर जिला सचिव बासुदेव सोरेन, पुष्पेंद्र टुडू, बिनोद मुर्मू, इंद्रजीत पंडित, मृत्युंजय सिंह, संतोष महतो, शिव शंकर मंडल, यूसुफ अंसारी, अवध किशोर हांसदा, राजेन्द्र दास, लंबोदर महतो, अजीमुद्दीन अहमद, इरफान जी, सुनील सोरेन, शत्रुघ्न सिंह, गुलज़ारी दास, फिरदौस आलम, अजय देवा, ताला मय हांसदा, जस्टिन सोरेन, आलम अंसारी, जर्मन बस्की, घनश्याम यादव, प्रशांत भगत, अंसार आलम, विजय महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
