द फॉलोअप डेस्क
सिख फेडरेशन के पूर्वी भारत अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर ने जानकारी दी कि ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISSF) में लंबे समय से चल रहे नेतृत्व संकट और विभाजन को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। फेडरेशन के पूर्व प्रेसिडेंट और वरिष्ठ अकाली नेता सरदार करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने फेडरेशन के पूर्व प्रेसिडेंट भाई मंजीत सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में संगठन के बड़े पुनर्गठन की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि एडवोकेट परमिंदर सिंह ढींगरा के निधन के बाद फेडरेशन के नए प्रेसिडेंट की नियुक्ति नहीं हो पाई थी, लेकिन पीर मोहम्मद द्वारा गठित 10 सदस्यीय सुप्रीम काउंसिल ने बैठक कर संगठन में एकता बहाल करने का निर्णय लिया। परिषद ने अमर शहीद भाई अमरीक सिंह के भतीजे, फेडरेशन के पूर्व प्रेसिडेंट और शिरोमणि अकाली दल (पुनर) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाई मनजीत सिंह के पुत्र भाई कंवर चरत सिंह को AISSF का जॉइंट प्रेसिडेंट नियुक्त किया।
पीर मोहम्मद ने कहा कि फेडरेशन ने हमेशा सिख पंथ की सेवा और एकता के लिए काम किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाई कंवर चरत सिंह की नेतृत्व क्षमता से संगठन को मजबूती मिलेगी और युवाओं में जागरूकता फैलाने के प्रयास और प्रभावी होंगे। उन्होंने स्कूल–कॉलेजों में चलाए जा रहे यूथ अवेयरनेस कार्यक्रम, किसान आंदोलन, पंजाब विश्वविद्यालय संघर्ष और बाढ़ राहत कार्यों में फेडरेशन की भूमिका को भी सराहा।
उन्होंने सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन (मेहता) के प्रेसिडेंट भाई अमरबीर सिंह धोत और अन्य गुटों के नेताओं से एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अकाली दल के आंतरिक मतभेदों ने संगठन को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिसे अब सुधारा जाना जरूरी है। फेडरेशन के नए प्रेसिडेंट भाई कंवर चरत सिंह ने पूर्व प्रेसिडेंट भाई मनजीत सिंह और सरदार करनैल सिंह पीर मोहम्मद को फेडरेशन का पैट्रन नियुक्त किया है, ताकि संगठन को उनके अनुभव का लाभ मिल सके। इसके साथ ही 21 सदस्यीय सुप्रीम एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया गया है, जिसमें देश–विदेश के प्रमुख सिख नेता और समाजसेवी शामिल हैं।
भाई कंवर चरत सिंह ने पंजाब में बढ़ रहे गैंगस्टरिज्म, ड्रग्स के खतरे, गिरते शिक्षा स्तर और धर्म परिवर्तन के नाम पर होने वाली गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि फेडरेशन इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करेगी। उन्होंने देश–विदेश के युवाओं से अपील की कि वे AISSF के साथ जुड़कर समाज और पंथ की बेहतरी में योगदान दें। उन्होंने बताया कि जल्द ही संगठन के ढांचे और भविष्य की रणनीति को लेकर विस्तृत घोषणा की जाएगी तथा विदेशों में फेडरेशन की नई यूनिटें फिर से बनाई जाएंगी।
