द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह में खदान में गिरे 12 साल के करण की मौत हो गई है। लाख कोशिशों का बाद भी उसकी जान नहीं बच पाई। सीसीएल प्रबंधन और पुलिस की मौजूदगी में करण के शव को बाहर निकाला गया है। शव निकलते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। मां साबो देवी अपने बच्चे की लाश देखकर टूट गई। उसके लिए मानों जैसे पूरी दुनिया ही खत्म हो गई। उसका रो-रो कर बुरा हाल है। साबो ने अपने जीवन में बहुत कुछ खोया है। जिस वक्त करण अपनी मां के गर्भ में था उसके पिता का निधन हो गया था।

80 से 100 फीट का था खदान
घटना गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीसीएल 7 नंबर इलाके की है। जहां बेर तोड़ने के दौरान करण का पैर फिसला और वह खंते में सीधा गिर गया। खंते की गहराई करीब 80 से 100 फीट बताई गई है। करण भुइयां अपने चार दोस्तों के साथ पहाड़ पर बेर तोड़ने निकला था। सभी बच्चों की उम्र 10 से 12 साल के करीब है। करण के दोस्तों ने बताया कि अवैध खंता में गिरने के बाद करण ने बचाओ-बचाओ चिल्लाना शुरू किया। दोस्तों ने बताया कि करण के गिरने के बाद वे लोग पहाड़ी से मुख्य सड़क पर गए और लोगों को जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण पहाड़ी पर पहुंचे और करण को निकालने का प्रयास कर रहे थे।

खदान को जल्द से जल्द भरा जाए
इस घटना के बाद लोगों द्वारा उन इलाके में भी डोजरिंग करने की मांग की है जो पहाड़ के बीच है और जिस इलाके में अवैध कोयला खदान का संचालन होता रहा है। शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन गिरिडीह के अध्यक्ष हरगौरी साहू छक्कू ने कहा कि इस हादसे के बाद सीसीएल को सर्वं कराना चाहिए और जहां भी इस तरह का जानलेवा खदान है उसे भरना चाहिए। वहीं सदर विधायक सुदिव्य कुमार ने भी इस घटना की जानकारी ली है। उन्होंने मुआवजा का भरोसा दिया है।