साहिबगंज
बरहड़वा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब दो महीने तक अपने जाल में फंसाए रखा। खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर ठगों ने गंभीर केस में फंसाने की धमकी दी और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पीड़ित से 10 बार में कुल 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगी की रकम में बेटी की शादी के लिए जमा की गई राशि भी शामिल थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद साइबर सेल के नोडल पदाधिकारी सह मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव सोमवार देर शाम बरहड़वा थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
जून में सीबीआई अधिकारी बनकर किया था फोन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जून 2026 में प्रदीप सिंह नामक व्यक्ति ने बरहड़वा निवासी गौतम चंद्र दास के मोबाइल पर फोन किया। उसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ सीबीआई में गंभीर मामला दर्ज हुआ है। आरोपी ने पीड़ित को कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया और कहा कि यदि केस से बचना है तो मामले को मैनेज करना होगा। इसके बाद साइबर अपराधियों ने लगातार पीड़ित से संपर्क बनाए रखा और अलग-अलग बहाने से पैसे की मांग शुरू कर दी।.jpeg)
फर्जी सीबीआई कोर्ट में तीन बार वीडियो कॉल से कराया पेश
ठगों ने पीड़ित का डर और बढ़ाने के लिए वीडियो कॉल के जरिए उसे फर्जी सीबीआई कोर्ट में तीन बार पेश भी कराया। इस दौरान आरोपियों ने केस में फंसने और जेल जाने का भय दिखाते हुए लगातार रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों के झांसे में आए गौतम चंद्र दास ने आरटीजीएस के माध्यम से आरोपियों के बताए खातों में 10 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए और कुल 1.20 करोड़ रुपये भेज दिए।
20 जून को 50 लाख का पहला ट्रांजेक्शन
पुलिस जांच के अनुसार, ठगी का पहला बड़ा ट्रांजेक्शन 20 जून 2026 को हुआ। उस दिन पीड़ित ने 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। यह पूरी ठगी में सबसे बड़ी रकम थी। इसके बाद भी अलग-अलग किस्तों में पैसे भेजने का सिलसिला जारी रहा। अंतिम ट्रांजेक्शन 24 अगस्त को पांच लाख रुपये का किया गया। करीब दो महीने तक साइबर अपराधियों ने पीड़ित को अपने नियंत्रण में रखा और लगातार रकम ऐंठते रहे।.jpeg)
बेटी की शादी के लिए जमा किए थे रुपये
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए काफी समय से रुपये जमा कर रखे थे। साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर न केवल जमा रकम निकलवाई, बल्कि बैंक में कराई गई एफडी तक तुड़वा दी। पीड़ित भय के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं दे पा रहा था। इसी दौरान 26 अगस्त को उसने पूरे मामले की जानकारी एक रिश्तेदार को दी। इसके बाद परिवार को ठगी का पता चला और मामले का खुलासा हुआ।
रिश्तेदार को बताने के बाद खुला ठगी का मामला
मामले का पता चलने के बाद पीड़ित ने सोमवार को पुलिस से संपर्क किया और साइबर ठगी की पूरी जानकारी दी। सूचना मिलने पर साइबर सेल के नोडल पदाधिकारी सह मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव बरहड़वा थाना पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस अब बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और आरोपियों के मोबाइल नंबर समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।.jpeg)
एसपी ने कहा- जल्द साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करेगी पुलिस
एसपी अमित कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि गौतम चंद्र दास की शिकायत पर बरहड़वा थाना में केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।