द फॉलोअप डेस्क, रांची:
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली में हैं। आज कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े लंबित मामले को सुलझाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के सीएम सम्राट चौधरी के अलावा दोनों राज्यों और गृह मंत्रालय से संबंधित अधिकारी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद थे। गौरतलब है कि बिहार और झारखंड के बीच लंबे समय से सोन नदी के पानी के बंटवारे को लेकर गतिरोध है, जिसे सुलझाने के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किया। सीएम हेमंत आज ही दिल्ली गये थे।
#WATCH | Delhi: In the presence of Union Home Minister Amit Shah, a Memorandum of Understanding (MoU) was signed in New Delhi today to resolve the long-pending issue of water sharing from the Son River between Bihar and Jharkhand. Bihar Chief Minister Samrat Choudhary and his… pic.twitter.com/wUC0htjtmx
— ANI (@ANI) August 31, 2026
बिहार के हित में ऐतिहासिक उपलब्धि
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एमओयू में दस्तखत के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के प्रयासों से 26 वर्षों से लंबित विवाद का अंत हो गया। यह बिहार के हित में ऐतिहासिक समाधान है। सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा कि बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे से जुड़े 26 साल पुराने विवाद का समाधान हो गया। आज दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में आयोजित बैठक में ऐतिहासिक सहमति बनी।
सीएम ने कहा कि इस समझौते से बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता बढ़ेगी। कृषि को मजबूती मिलेगी और राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने इसे बिहार के हित में बड़ी उपलब्धि करार दिया और कहा कि झारखंड के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी तथा माननीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी का आभार।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 31, 2026
26 वर्षों से लंबित विवाद का अंत, बिहार के हित में ऐतिहासिक समाधान!
बिहार और झारखंड के बीच सोन नद के जल बंटवारे से जुड़े 26 वर्षों के पुराने विवाद का समाधान हो गया। आज नई दिल्ली में माननीय… pic.twitter.com/Udmz2hvzfc