द फॉलोअप डेस्क
गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत को नमन करते हुए शहीदों की अमर गाथा और गुरुओं की पावन परंपरा के स्मरणार्थ साकची कालीमाटी रोड पर सेवा शिविर लगाया गया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बीच चाय–नाश्ता और लंगर की सेवा से वातावरण “जो बोले सो निहाल- सत श्री अकाल” के जयकारों से गूंज उठा। गुरु तेग बहादुर के शब्द-कीर्तन से संगत भावविभोर हो उठी।.jpg)
इस अवसर पर झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने गुरु महाराज की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अधर्म और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना एक जीवित समाज के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं का जीवन त्याग, बलिदान और सेवा की अनूठी मिसाल है। शहीदी यात्रा हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र और समाज की सेवा में सदैव समर्पित रहने का संदेश देती है।
इस दौरान काले ने कहा कि गुरुओं और शहीदों की शिक्षाएँ आज भी समाज में एकता, साहस और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करती हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समाजों एवं संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।