पूर्णिया/साहेबगंज
पूर्णिया के टेटगामा में डायन के संदेह पर एक ही आदिवासी परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाने की घटना हो जाने के बाद झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, राजमहल सांसद विजय हांसदा, झामुमो पार्टी केंद्रीय सचिव व प्रवक्ता पंकज मिश्रा और जिलाध्यक्ष अरुण सिंह, संजीव शामू हेंब्रम, संजय गोस्वामी और राजाराम मरांडी पीड़ित परिवार का हाल जानने पूर्णिया पहुंचे। इस दौरान मंत्री पूरे काफिले के साथ उनके गांव पहुंच कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली एवं पीड़ित परिवार के बीच खाद्य सामग्री का वितरण भी किया। 
सांसद विजय हांसदा ने कहा कि जो लोग इसमें संलिप्त हैं और पुरे गांव को दिग्भ्रमित करने का काम किये हैं उनको सजा मिले। और समाज को फिर से आम जीवन की तरफ ध्यान खींचने के लिए डायन प्रथा के विषय में लोगों को सही शिक्षा देने की जरुरत है। और झारखण्ड सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमें झारखण्ड सरकार के निर्देश पर यहां भेजा गया है और पीड़ित परिवार को खाद्य सामग्री देने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने कहा कि "यह काम कोई आदिवासी कर ही नहीं सकता, हमें इसके पीछे जाना होगा। पेट्रोल की व्यवस्था, ट्रेक्टर की व्यवस्था, JCB की व्यवस्था यहां तो किसी आदिवासी के पास न ट्रेक्टर है इस गांव में न JCB है। तो तुरंत लाश जलाना तुरंत को ठिकाने लगाना ट्रेक्टर और JCB से तुरंत पेट्रोल उपलब्ध हो जाना इसके पीछे एक बहुत बड़ी साजिश है, यहाँ के आदिवासिओं को कुचलने के लिए। इसलिए हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि आप समय रहते इसके जड़ में जाइये कि आखिर इसके मुख्य दोषी कौन हैं। यहां के गांव के लोगों को तो दिग्भ्रमित किया गया। चूंकि अशिक्षा का आभाव है लेकिन दिग्भ्रमित करने वाले लोग कौन हैं। कौन हैं जो ट्रेक्टर पहुंचाएं कौन हैं जो JCB उपलब्ध कराए जो लाश छुपाने का काम कियें, जो पेट्रोल दिए वैसे लोगों को चिन्हित करके तत्काल पहले उनपर कार्रवाई होना चाहिए। और इस गांव के लोग जो पलायन हुयें हैं, हम प्रशासन और यहाँ कि सरकार से मांग करते हैं कि यहां के लोगों को पुनः स्थापित करके और एक आपस में पीड़ित परिवार और गांव के बीच में एक बैठक कराकर समन्वय की व्यवस्था की जाये और जब तक व्यवस्था नही होती तब तक इस गांव की सुरक्षा यहां की प्रशसन करेगी"। 
झारखण्ड सरकार के निर्देश पर पूर्णिया पहुंचे शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि हमें इस स्थल का जायजा लेने भेजा गया है और और इस पुरे घटना की रिपोर्ट लेने के लिए हम पहुंचे हैं। ताकि इस शर्मनाक घटना के बारे में झारखण्ड सरकार को बतायी जा सके। उन्होंने कहा कि यह घटना बेझ्द ही दुखदायी है डायन के नाम पर 5 लोगों को मार देना बहुत ही चिंताजनक है और खासकर आदिवासी समाज में ऐसी घटनाएँ हो जाना। इस पर एक निष्पक्ष रूप से विशेष जांच की जानी चाहिए। ताकि इस अंधविश्वास को खत्म किया जा सके और इसके लिए गांव को शिक्षित किया जाना भी अत्यंत आवश्यक है। 
बता दें कि बीते कुछ दिनों पूर्व पूर्णिया में एक आदिवासी परिवार के 5 लोगों की हत्या डायन होने के आरोप में कर दी गई थी। जिसके बाद यह मामला काफी काफी दिनों तक चर्चा में रहा। यह शर्मनाक घटना बिहार में अन्धविश्वास के रूप को दर्शाती है जो आज भी समाज में फैली हुई है।