रांची:
झारखंड में साइबर क्राइम (Cyber Crime) कम होने का नाम नहीं ले रहा है। साइबर ठग नए-नए हथकंडे से लोगों को अपना शिकार बना रहे है। उनसे पैसे निकलवा रहे है। अब साइबर ठग ने ऑनलाइन शॉपिंग और लकी ड्रॉ के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनना शुरू कर दिया हैं। ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश रांची पुलिस (Ranchi Police) ने किया है। इस गिरोह ने देशभर के करीब 150 लोगों से लकी ड्रॉ और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगा है। राज्य पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इनके 3 सदस्यों को गिरफ्तार (3 People Arrested) किया है। गिरफ्तार सभी लोग बिहार के रहने वाले है।

टीम का गठन कर अपराधियों को पकड़ा
रांची एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि इस मामले में लोगों से साइबर ठगी होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जांच के लिए सदर डीएसपी प्रभात रंजन और साइबर डीएसपी यशोधारा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसमें सदर थाना प्रभारी श्याम किशोर के अलावा अन्य लोगों को भी शामिल किया गया। इस टीम ने जब मामले की जांच की और अपराधियों को धर दबोचा।

ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में अपराधियों ने पुलिस को बताया कि वह लोग बिहार से रांची आकर किराए के मकान में रहते थे। ऐसे लोगों से ठगी कर रहा था। पुलिस की पूछताछ ने उनलोगों ने बताया कि गिरोह के सदस्य ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों का डाटा जमा करते है। उनका नाम व पता हासिल करते है। इसके बाद ऑनलाइन वेबसाइट के ग्राहकों के नाम फर्जी लकी ड्रॉ कूपन व पंपलेट छपवाते है। उससे एक क्यूआर कोड भी होता है। इस कोड को स्कैन करने पर मोबाइल में 8 लाख 40 हजार की राशि जीतने का धन्यवाद संदेश ग्राहकों को आता था। साथ ही लकी ड्रॉ स्क्रैच करने पर राशि जीतने का बधाई संदेश भी छापा जाता था। इसके बाद ग्राहक इनाम की राशि पाने के लिए जब दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करते थे। इसी ताक में बैठे साइबर अपराधी उनके अगली चाल चलते थे। यह तक उनसे जीएसटी, सर्विस टैक्स,रजिस्ट्रेशन चार्ज,अन्य तरह के चार्ज का झांसा देकर लोगों से अपने द्वारा दिए गए बैंक खाते पर पैसा मंगवाते थे। इसके बाद एटीएम से राशि की निकासी कर लेते थे।

देशभर के 150 लोगों को ठगा
अब तक इस गिरोह ने देशभर के 150 लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। इसमें 13 लोगों से पुलिस पूछताछ भी की है। इन लोगों ने पुलिस को ठगी के शिकार होने की जानकारी दी है। अब पुलिस ठगी के शिकार हुए अन्य लोगों से भी संपर्क कर रही है। जल्दी उनसे भी जानकारी लेगी। अबतक की जांच में साइबर अपराधी द्वारा राज्य के एक भी व्यक्ति को ठगी का शिकार नहीं बनाने की बात सामने आई है।