नंदलाल तुरी
पाकुड़ में आज समाहरणालय में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 की अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि जिले में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और किसानों के हित में सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उपायुक्त ने सभी चयनित लैंप्स को अपग्रेड कर L-4 स्तर पर सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिप्राप्ति कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धान अधिप्राप्ति केंद्रों में पारदर्शिता और निगरानी के लिए प्रत्येक लैंप्स में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया। इससे खरीद प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
उपायुक्त ने कहा कि एटीएम एवं बीटीएम के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। किसानों को अधिप्राप्ति प्रक्रिया, आवश्यक कागजात, दर और समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रचार अभियान गांव-गांव तक पहुँचना चाहिए, ताकि अधिकतम किसान इसका लाभ उठा सकें। उपायुक्त ने सभी प्रखंडों और लैंप्स को लक्ष्य दिया कि अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराना है, ताकि कोई पात्र किसान अधिप्राप्ति प्रणाली से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जाए और सभी किसानों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त ने कहा कि अधिप्राप्ति के दौरान प्रति परिवार 80 क्विंटल से अधिक धान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था संतुलित खरीद और अधिक से अधिक किसानों को लाभ देने के उद्देश्य से की गई है। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि खरीफ विपणन मौसम किसानों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण चरण है। इसलिए अधिप्राप्ति प्रणाली को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाना सभी की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक गतिविधि की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
