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मानसून सत्र आज से, PM मोदी ने की सार्थक चर्चा की अपील; विपक्ष हंगामे की तैयारी में

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द फॉलोअप डेस्क

संसद के मानसून सत्र का सोमवार से आगाज हो गया। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के हंस द्वार पर करीब 15 मिनट तक मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जैसे मानसून देश के लिए महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही मानसून सत्र भी तभी सार्थक होता है जब वह सक्रिय और सकारात्मक तरीके से चले। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से सदन में तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा करने तथा हर आवाज का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि संसद में मिलकर देश को आगे बढ़ाने पर सार्थक विमर्श होना समय की आवश्यकता है।


पहले दिन हंगामे के आसार, सरकार लाएगी 7 विधेयक

सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के आसार हैं। विपक्ष सोनम वांगचुक के अनशन, NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार ने इस मानसून सत्र में सात विधेयक पेश करने की योजना बनाई है। लोकसभा में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित 'सुप्रीम कोर्ट (संशोधन) विधेयक' पेश किया जाएगा। वहीं राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से जुड़े संशोधन विधेयक को सदन के पटल पर रखेंगे।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा सत्र

18वीं लोकसभा का नौवां संसदीय सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ने नई ऊर्जा और नई गति प्राप्त की है तथा संसद का यह सत्र उस ऊर्जा को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी दलों के सांसदों के पास व्यापक अनुभव है और उस अनुभव का उपयोग देशहित में होना चाहिए। सदन में स्वस्थ, सार्थक और तथ्यपूर्ण चर्चा लोकतंत्र को मजबूत बनाएगी।

विकास, स्टार्टअप और युवाओं की उपलब्धियों का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हाल के विकास कार्यों और युवाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान में देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की गई है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन भी शुरू हुई है, जो दुनिया के चुनिंदा देशों में संचालित होने वाली तकनीक का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की यह ट्रेन सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली है। प्रधानमंत्री ने इंजीनियरों, उद्यमियों, श्रमिकों और युवाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं के प्रयासों से देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की विकास दर का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में युद्ध और वैश्विक संकटों के कारण पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की। उन्होंने कहा कि यह देश की मजबूत अर्थव्यवस्था और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया में एक मजबूत और भरोसेमंद देश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

स्काईरूट स्टार्टअप का किया जिक्र, युवाओं की क्षमता पर जताया भरोसा

प्रधानमंत्री ने भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नई उड़ान भरी है। उन्होंने बताया कि इस स्टार्टअप में काम करने वाले युवाओं की औसत आयु केवल 28 वर्ष है। उन्होंने कहा कि भारत के नौजवानों ने अंतरिक्ष में देश का झंडा बुलंद किया है और यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं की क्षमता अंतरिक्ष जितनी असीम है और उनकी उपलब्धियां देश के आत्मविश्वास को नई मजबूती देती हैं।

 'मानसून और मानसून सत्र दोनों रहें प्रोडक्टिव'

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मानसून हो या मानसून सत्र, यदि दोनों सक्रिय और सकारात्मक हों तो देश का कल्याण होता है। उन्होंने सभी सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह सत्र जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सकारात्मक परिणाम देने वाला साबित हो, यही उनकी कामना है।

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