द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर शनिवार को सिमडेगा मंडल कारा में औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा ने किया। उनके साथ डालसा की सचिव मरियम हेमरोम भी मौजूद रहीं। निरीक्षण दल ने जेल परिसर के विभिन्न सेक्शनों, वार्डों, रसोईघर और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जांच की। सबसे पहले अधिकारियों ने बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और मानकों का परीक्षण किया। प्रधान जिला न्यायाधीश ने स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता परखी। समीक्षा में पाया गया कि भोजन जेल मैनुअल में निर्धारित मानकों के अनुसार ही तैयार कर उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजनालय की स्वच्छता, सामग्री के भंडारण और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता की भी जांच की गई।
इसके बाद निरीक्षण दल ने सभी वार्डों का भ्रमण किया और बंदियों के रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, रोशनी, पेयजल और शौचालय की स्थिति का आकलन किया। बंदियों के व्यक्तिगत सामान की जांच की गई, लेकिन किसी भी वार्ड में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान बंदियों से बातचीत की गई और उनकी समस्याओं, जरूरतों और शिकायतों को सुना गया। अधिकारियों ने उन्हें कानूनी सहायता और उनके अधिकारों से संबंधित जानकारी भी प्रदान की। प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमारी की स्थिति में समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने मेडिकल रिकॉर्ड, दवाइयों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज, स्टाफ की तैनाती और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली की स्थिति का भी अवलोकन किया गया। निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक अजय कुमार, जेलर और अन्य कर्मी उपस्थित थे।
