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जमशेदपुर : तौकीर गोरा हत्याकांड में पुलिस को फिर मिली सफलता, हत्या में इस्तेमाल पिस्टल सहित 2 आरोपी गिरफ्तार

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द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित शास्त्रीनागर में हुए तौकीर गोरा हत्याकांड में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बुधवार को इस मामले में शामिल दो आरोपियों शादाब खान उर्फ बिली और शुभम कुमार को जेल भेज दिया है। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त 9 एमएम की देशी पिस्टल और मैगजीन भी बरामद कर ली गई है। इससे पहले पुलिस इस केस में एक अन्य आरोपी मसूद इकबाल उर्फ आयान बच्चा को गिरफ्तार कर भेज चुकी थी। इस तरह मामले में अब तक तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
तौकीर गोरा की हत्या 21 नवंबर की रात शास्त्रीनगर इलाके में गोली मारकर कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपी फरार थे। बाद में दबाव बढ़ने पर शादाब और शुभम ने कुछ दिन पहले कदमा थाना में सरेंडर किया था। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसके बाद हत्या में उपयोग किए गए हथियार तक पहुंचने में सफलता मिली। बुधवार को हथियार बरामद होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने प्रेसवार्ता में बताया कि शादाब खान पर पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लगातार हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, रंगदारी और धमकी मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पूछताछ में शादाब ने स्वीकार किया है कि गोरा अक्सर उसे धमकी देता था और रंगदारी की मांग करता था। यहां तक कि एक बार उस पर बम भी फेंका गया था। आरोपी के मुताबिक, अगर उन्होंने गोरा को नहीं मारा होता, तो गोरा उन्हें मार देता इसी डर और बदले की भावना में हत्या की योजना बनाई गई। हत्या की रात आरोपी एक जगह बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान गोरा की चर्चा शुरू हुई और देखते-देखते हत्या की योजना बन गई। थोड़ी देर बाद आयान बच्चा भी वहां पहुंचा और योजना में शामिल हो गया। आरोपियों ने कार से फारूकी मस्जिद के पास पहुंचकर पहले से मौजूद तौकीर गोरा पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी कदमा और आजादनगर इलाके में आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर रहे थे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। छापेमारी टीम में कदमा थाना प्रभारी राजन कुमार के साथ एसआई विजेंद्र तिवारी, एसआई ऋषु सिंह समेत पुलिस टीम शामिल थी। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस हत्या और गैंग गतिविधियों से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।



 

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