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जाति प्रमाण पत्र विवाद में फंसी राजगंज थाना प्रभारी अलीशा कुमारी, मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा

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धनबाद

धनबाद जिले के राजगंज थाना की प्रभारी अलीशा कुमारी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद अब झारखंड हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। जामताड़ा निवासी रामचंद्र महतो ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अलीशा को पद से हटाने और आरक्षण का अनुचित लाभ उठाने के आरोप में बर्खास्त करने की मांग की है।
इससे पहले अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने अलीशा कुमारी का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया था। विभागीय जांच में सामने आया कि अलीशा के पिता ने जामताड़ा के डुमरी में जमीन खरीद कर करीब एक दशक पहले घर बनवाया था, लेकिन उनका मूल निवास बिहार के नवादा जिले में है।


जांच में यह भी पाया गया कि अलीशा ने पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जो दस्तावेज जमा किए थे, उनमें विरोधाभास था। रजिस्ट्री और लगान रसीद में उनके दादा का नाम रघुवीर प्रसाद अग्रवाल दर्ज है, जबकि वंशावली में नंदकिशोर भगत को उनके पिता का पिता बताया गया है। इस गड़बड़ी के आधार पर उनका जाति प्रमाण पत्र अमान्य घोषित कर दिया गया। हालांकि फिलहाल हाईकोर्ट ने इस मामले में स्टे लगा दिया है, लेकिन ताज़ा याचिका से अलीशा कुमारी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अलीशा 2018 बैच की सब-इंस्पेक्टर हैं और जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी आपत्ति के बावजूद उन्हें राजगंज थाने की कमान सौंपी गई है।

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