द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र स्थित शंकोसाई श्यामनगर में हुए प्रदीप साहू हत्याकांड में पुलिस ने प्रदीप के छह दोस्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है। हालांकि पुलिस अभी आधिकारिक बयान देने से बच रही है। सूत्रों की मानें तो घटना के पीछे नशे में कहासुनी की बात सामने आ रही है। संभावना है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने चापड़ से प्रदीप की हत्या कर दी और शव को स्वर्णरेखा नदी के पास फेंक दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार को प्रदीप दोस्तों संग देखा गया था। वहीं गुरुवार को नदी में उसका शव मिला। शव कई दिन पुराना होने के कारण फूल चुका था, लेकिन परिजनों ने कपड़ों से उसकी पहचान की। लोगों ने बताया कि प्रदीप साहू दो भाइयों में छोटा और पेशे से प्लंबर था। रविवार शाम उसे सोनू, रवि, कुंदन, मच्छू और दो अन्य युवकों के साथ देखा गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। वहीं, गुरुवार सुबह स्वर्णरेखा नदी किनारे एक शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जिसके बाद परिजनों ने उसी रात साथ देखे गए छह युवकों पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस ने इलाके में छापेमारी की और सभी छह आरोपियों को पकड़ लिया। दो आरोपी बस्ती में ही मिले, जबकि चार शहर में अलग-अलग ठिकानों पर छिपे थे। पूछताछ में सभी ने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
दूसरी ओर हत्या की खबर फैलते ही शंकोसाई में आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रदीप का शव थाने के पास मुख्य सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कई घंटे तक शंकोसाई रोड नंबर-1 से आजादनगर की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह ठप रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे थे कि नदी किनारा नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन चुका है, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। परिजनों ने कहा कि प्रदीप रविवार शाम से गायब था, लेकिन पुलिस ने उसके गुम होने को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
