logo

शीतकालीन सत्र : प्रदीप यादव बोले- 1932 मतलब 1932, इसमें बहस की कोई जगह नहीं

pradeep_yadav_2.jpg

द फॉलोअप डेस्क

1932 विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रदीप यादव ने कहा कि स्पीकर महोदय चर्चा की कोई जगह ही नहीं है। 1932 मतलब 1932। इसमें बहस क्या करना है। इसे सीधे पारित कराइये। भाजपा विधायक इस विधेयक का समर्थन करते हुए यह मांग कर रहे थे कि राज्यपाल के सुझाव पर काम करना चाहिए। 

9 वीं अनुसूची में डालने में मदद करे बीजेपी

विधायक सुदिव्य सोनू ने कहा कि 1932 झारखंड का आत्मा है। इसे सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र को भेजें।  जहां 1932 नहीं है वहां ग्रामसभा सत्यापन करेगी। ग्रामसभा जिसका सत्यापन करेगी, वही मान्य होगा। बीजेपी 9 वीं अनुसूची में डालने में मदद करे।