द फॉलोअप डेस्क
आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने पार्टी के प्रधान महासचिव एवं पूर्व मंत्री रामचंद्र साहिस की सुरक्षा व्यवस्था में की जा रही अनदेखी पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि रामचंद्र साहिश के एकमात्र बॉडीगार्ड को क्लोज कर दिया गया है, जो निंदनीय है, जबकि सत्ता पक्ष के छोटे–मोटे नेता भी सुरक्षाकर्मी लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने मांग की कि रामचंद्र साहिस की सुरक्षा अविलंब बहाल की जाए, अन्यथा पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रवीण प्रभाकर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और प्रशासन का रवैया आजसू नेताओं के प्रति भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे पहले आजसू प्रमुख सुदेश महतो की सुरक्षा भी हटाई गई थी और उनका आवास खाली करवा लिया गया था, जबकि झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन को पूर्ववर्ती राजग सरकार द्वारा आजीवन आवास आवंटित किया गया था।
प्रवीण प्रभाकर आजसू छात्र संघ द्वारा केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कई समसामयिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बिहार के पूर्णिया जिले में पांच आदिवासियों को जिंदा जलाए जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। लेकिन साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने में लगी है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के नेताओं को झारखंड की नहीं, बल्कि बिहार चुनाव की ज्यादा फिक्र है। अगर बिहार में कांग्रेस के पास नेता नहीं हैं, तो झारखंड से नेताओं को पूर्णिया क्यों भेजा जा रहा है?” डायन प्रथा को लेकर भी प्रवीण प्रभाकर ने चिंता जताई। उन्होंने बताया कि केवल खूंटी जिले में पिछले तीन वर्षों में 650 से ज्यादा महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हुई हैं। खूंटी, गुमला, लोहरदगा, दुमका, पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों में अब भी डायन बिसाही की घटनाएं जारी हैं।
उन्होंने झारखंड सरकार पर ओबीसी वर्ग को अधिकार देने में अनिच्छुक होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी के दबाव के बाद ही सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति की है और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की शुरुआत की गई है।
समारोह में बड़ी संख्या में युवाओं ने आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। गौरव सिंह के नेतृत्व में दर्जनों छात्र-युवाओं ने आजसू का दामन थामा। इनमें प्रमुख नाम सुशांत सिंह, प्रिंस सिंह, शाहिद अंसारी, उज्ज्वल उरांव, पीयूष यादव, तरुण, सुधांशु शाही, निर्भय शाही, प्रणव शर्मा, लाल अर्पित नाथ शाहदेव, मयूर मनोज, नवनीत कुमार आदि शामिल हैं। प्रवीण प्रभाकर ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं का आजसू की ओर रुझान लगातार बढ़ रहा है, जो राज्य के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह शैक्षणिक वातावरण बनाने में कोई रुचि नहीं ले रही है।
छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कॉलेज में संगठन तैयार किया जा रहा है ताकि छात्र आवाज़ उठा सकें। समारोह का संचालन ऋतुराज शाहदेव ने किया। इस मौके पर राजेश सिंह, रोशन नायक, अमन साहू, हिमांशु सिंह, सुरदीप तिग्गा, राज दुबे, विकास महतो सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
