द फॉलोअप डेस्क
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची हैं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद वह गुरुजी के अंतिम दर्शन करने पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने गुरुजी को श्रद्धांजलि दी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सांत्वना दी।
बता दें कि आज सुबह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की जानकारी एक्स पर पोस्ट करते हुए दी थी। इसके थोड़ी ही देर बाद राष्ट्रपति ने एक ट्वीट के जरिए शोक व्यक्त किया था। राष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में लिखा, "शिबू सोरेन ने आदिवासी पहचान और झारखंड राज्य के गठन के लिए संघर्ष किया। जमीनी स्तर पर अपने काम के अलावे, उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य के रूप में भी योगदान दिया, खासकर आदिवासी समुदायों के कल्याण पर उनका जोर हमेशा याद रखा जाएगा।" उन्होंने आगे लिखा, "मैं उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, परिवार के अन्य सदस्यों और उनके प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।"
बता दें कि आज सुबह ही गुरुजी का निधन हो गया था। सबसे पहले उनके बेटे और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ही सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी कि आदरणीय दिशोम गुरु अब सबके बीच नहीं रहे हैं। उन्होंने आगे कहा था कि "आज मैं शून्य हो गया हूँ।"
शिबू सोरेन करीब एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इलाजरत थे। उन्होंने 81 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। इस दुखद खबर के बाद राज्य में शोक की लहर है। शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति में एक बड़ा नाम रहे हैं, जिन्होंने आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक नेताओं में से एक थे। वह लंबे समय से बीमार थे।
उनके निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय 4 और 5 अगस्त को बंद रहेंगे और कोई भी सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। साथ ही, शोक की अवधि तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
अब तक की मिली जानकारी के अनुसार, गुरुजी का पार्थिव शरीर देर शाम तक झारखंड लाया जाएगा। सबसे पहले उनके पार्थिव शरीर को राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास लाया जाएगा। इसके बाद कल सुबह पार्थिव शरीर को झारखंड मुक्ति मोर्चा के पार्टी कार्यालय लाया जाएगा, जहां पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें अंतिम विदाई देंगे। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी। अंत में, उनके पैतृक गांव नेमरा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश के तमाम बड़े नेता शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं।
